MCQ
1857 की क्रांति और भारत में ब्रिटिश विस्तार MCQ - उत्तर सहित अभ्यास प्रश्न
RAS/RPSC तैयारी के लिए 1857 की क्रांति और भारत में ब्रिटिश विस्तार के 9 प्रश्न हल करें।
अभ्यास प्रश्न
प्र.1बंगाल में कंपनी के व्यापारिक प्रवेश से राजस्व-आधारित राजनीतिक शक्ति बनने की प्रक्रिया को कौन-सा क्रम सबसे सही दिखाता है?
क्रम साफ है: 1757 के प्लासी युद्ध से मीर जाफर और दरबारी षड्यंत्र के सहारे बंगाल की राजनीति में कंपनी की पैठ बनी; 1764 का बक्सर युद्ध अधिक निर्णायक था क्योंकि मीर कासिम, शुजाउद्दौला और शाह आलम द्वितीय साथ हारे; फिर 1765 की इलाहाबाद संधि से बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मिली। दीवानी से कंपनी की सेना और प्रशासन राजस्व पर टिके। इसलिए सही क्रम राजनीतिक पैठ, संप्रभुता की मजबूत मान्यता और दीवानी से राजस्व-आधारित शक्ति है।
प्र.2अभिकथन (A): चर्बीदार कारतूस का मुद्दा अकेले ही 1857 के विद्रोह को पूरी तरह समझा देता है। कारण (R): तात्कालिक कारतूस-कारण के पीछे पुराने सैनिक, राजनीतिक, आर्थिक और धार्मिक असंतोष बताया जाता है। सही उत्तर चुनिए।
नई एनफील्ड राइफल के कारतूसों की अफवाह को तात्कालिक कारण बताया जाता है, क्योंकि गाय और सूअर की चर्बी की आशंका हिन्दू और मुस्लिम सिपाहियों की धार्मिक भावनाओं से टकराती थी। लेकिन वही विद्रोह का कारण केवल एक मुद्दा नहीं था। पुराने असंतोष में भत्तों की हानि, नस्लीय भेदभाव, 1856 के विदेश सेवा कानून के बाद विदेश सेवा का भय, विलय नीतियाँ, मिशनरी चिंता, राजस्व दबाव और अवध के विलय से पैदा अव्यवस्था शामिल थे। इसलिए अकेले कारतूस वाली बात गलत है, पर गहरे कारणों वाली बात सही है।
प्र.3बंगाल में राजनीतिक पैठ से राजस्व-आधारित शक्ति तक कंपनी के उभार को कौन-सा क्रम सबसे सही दिखाता है?
बंगाल में कंपनी के उभार की साफ कड़ी बताया जाता है। 1757 के प्लासी युद्ध ने मीर जाफर और दरबारी षड्यंत्र के सहारे राजनीतिक पैठ दी, पूरे भारत की सीधी विजय नहीं। 1764 का बक्सर युद्ध अधिक निर्णायक था, क्योंकि मीर कासिम, शुजाउद्दौला और शाह आलम द्वितीय एक साथ हारे। 1765 की इलाहाबाद संधि से बंगाल, बिहार और उड़ीसा की दीवानी मिली, जिससे सेना और प्रशासन का राजस्व आधार बना। इसलिए पैठ, मान्यता और राजस्व वाला क्रम सही है।
प्र.4ब्रिटिश विस्तार की नीतियों के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: सहायक संधि में भारतीय शासक को ब्रिटिश सेना स्वीकार करनी पड़ती थी, उसका खर्च देना पड़ता था और स्वतंत्र विदेश नीति छोड़नी पड़ती थी। कथन 2: राज्य-हरण नीति ने 1856 में अवध को इसलिए मिला लिया क्योंकि उसके शासक की स्वाभाविक पुरुष संतान नहीं थी। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
लॉर्ड वेलेजली से सबसे स्पष्ट रूप से जुड़ी सहायक संधि में भारतीय शासक को ब्रिटिश सेना स्वीकार करनी पड़ती थी, उसका खर्च देना पड़ता था और स्वतंत्र विदेश नीति छोड़नी पड़ती थी। ऐसा राज्य समारोह में स्वतंत्र दिख सकता था, पर रक्षा और विदेश नीति खो देता था। राज्य-हरण नीति अलग थी; इसमें दत्तक उत्तराधिकार को संप्रभुता के लिए न मानकर राज्य मिलाए जाते थे। अवध को खास अपवाद बताया जाता है, क्योंकि 1856 में उसका विलय कथित कुशासन के आधार पर हुआ, राज्य-हरण नीति से नहीं। इसलिए सहायक संधि वाला कथन ही सही है।
प्र.5राजस्व व्यवस्था को बताए गए प्रमुख आधार या मध्यस्थ से मिलाइए। सूची I: 1. स्थायी बंदोबस्त 2. रैयतवाड़ी 3. महालवाड़ी सूची II: क. कृषक या रैयत ख. जमींदार को मालिक या मध्यस्थ मानना ग. गाँव या महाल को इकाई मानना
तीनों राजस्व व्यवस्थाओं को उनके आकलन-आधार से अलग किया जाता है। बंगाल, बिहार और उड़ीसा में स्थायी बंदोबस्त ने राजस्व तय किया और जमींदारों को मालिक या राजस्व-मध्यस्थ माना। रैयतवाड़ी व्यवस्था, जो थॉमस मुनरो और अलेक्जेंडर रीड से जुड़ी है, मद्रास और बाद में बंबई में सीधे कृषक या रैयत से जुड़ी थी। महालवाड़ी में उत्तर-पश्चिमी प्रांतों और पंजाब के कुछ हिस्सों में गाँव या महाल को इकाई माना गया। इसलिए सही सुमेलन स्थायी बंदोबस्त-जमींदार, रैयतवाड़ी-कृषक और महालवाड़ी-महाल है।
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और प्रश्न
6सूची 1 को सूची 2 से मिलाइए। सूची 1: 1. स्थायी बंदोबस्त 2. रैयतवाड़ी 3. महालवाड़ी 4. सहायक संधि सूची 2: क. गाँव या महाल राजस्व इकाई था ख. भारतीय शासक ने ब्रिटिश सेना स्वीकार की और स्वतंत्र विदेश नीति छोड़ी ग. बंगाल में जमींदारी राजस्व निश्चित किया गया घ. कृषकों या रैयतों से सीधा संबंध सही कूट चुनिए।
71857 के विद्रोह के बाद हुए बदलावों के बारे में कौन-सा कथन गलत है?
8अभिकथन: भारत शासन अधिनियम, 1858 ने भारत में कंपनी शासन समाप्त कर दिया। कारण: इस अधिनियम ने भारत का प्रशासन भारत सचिव के माध्यम से ब्रिटिश क्राउन को सौंप दिया। सही उत्तर चुनिए।
91857 के विद्रोह के बारे में निम्न कथनों पर विचार कीजिए। कथन 1: तात्कालिक कारण नई एनफील्ड राइफल के चर्बीदार कारतूसों को लेकर संदेह था। कथन 2: इसके पीछे कोई पुराने राजनीतिक, सैनिक, आर्थिक या धार्मिक असंतोष नहीं थे। कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
