सोलहवीं राजस्थान विधान सभा के चतुर्थ सत्र को बुधवार, 10 सितंबर 2025 को अपराह्न 4:58 बजे अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। यह सत्र 1 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था और दस दिनों में छह बैठकें हुईं, जिनकी कुल अवधि 18 घंटे 40 मिनट रही। सत्र के दौरान सदन ने व्यापक विधायी कामकाज निपटाया — सात नए विधेयक पेश किए गए और प्रवर समिति द्वारा प्रस्तुत तीन विधेयक पर विचार किया गया, जिससे कुल दस विधेयक पारित हुए और एक विधेयक वापस लिया गया। सत्र में पारित विधेयकों में राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जयपुर विधेयक 2025, राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2025, महिलाओं को रात्रि शिफ्ट में काम करने की अनुमति देने वाला कारखाना (राजस्थान संशोधन) विधेयक 2025, राजस्थान विनियोग (संख्या 3) विधेयक 2025, राजस्थान जीएसटी (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 और राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 शामिल थे। प्रश्नकाल में सत्र के दौरान 3,008 प्रश्न प्राप्त हुए — 1,237 तारांकित, 1,770 अतारांकित और एक अल्पसूचना प्रश्न — जिनमें से 120 सूचीबद्ध तारांकित प्रश्नों में से 53 मौखिक रूप से पूछे गए और उनके उत्तर दिए गए। सदस्यों ने 134 स्थगन प्रस्ताव दिए, जिनमें से 21 स्वीकार हुए और 17 विधायकों ने विचार रखे; नियम 131 के तहत 437 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आए, जिनमें से 14 अस्वीकार हुए; और 95 विशेष उल्लेख प्रस्ताव आए, जिनमें से 78 लिए गए। विधेयकों पर प्रस्तुत 161 संशोधन प्रस्तावों में से सचिवालय स्तर पर 115 स्वीकार और 46 अस्वीकार किए गए। राज्यपाल ने 6 अक्टूबर 2025 को सत्र का औपचारिक सत्रावसान किया।
सोलहवीं राजस्थान विधान सभा का चतुर्थ सत्र 10 सितंबर को 10 विधेयक पारित करने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोलहवीं राजस्थान विधान सभा के चतुर्थ सत्र को 10 सितंबर 2025 को शाम 4:58 बजे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया; 1 से 10 सितंबर 2025 तक छह बैठकों (18 घंटे 40 मिनट) में 10 विधेयक पारित, 1 वापस, 3,008 प्रश्न और 161 संशोधन प्रस्ताव।
मुख्य तथ्य
- अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सोलहवीं राजस्थान विधान सभा के चतुर्थ सत्र को 10 सितंबर 2025 को शाम 4:58 बजे अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया
- सत्र 1 से 10 सितंबर 2025 तक चला; इस दौरान कुल छह बैठकें हुईं और कार्यवाही 18 घंटे 40 मिनट चली
- दस विधेयक पारित हुए, एक वापस लिया गया; सात नए विधेयक पेश हुए और प्रवर समिति के तीन विधेयक लिए गए
- विधेयकों में आरआईएमएस जयपुर विधेयक 2025, महिलाओं को रात्रि शिफ्ट की अनुमति देने वाला कारखाना (राजस्थान संशोधन) विधेयक 2025, और राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 शामिल थे
- 3,008 प्रश्न प्राप्त हुए (1,237 तारांकित, 1,770 अतारांकित, 1 अल्पसूचना); 120 सूचीबद्ध तारांकित प्रश्नों में से 53 के मौखिक उत्तर दिए गए
- 161 संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत हुए; सचिवालय स्तर पर 115 स्वीकार और 46 अस्वीकार किए गए
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: सोलहवीं राजस्थान विधान सभा के चतुर्थ सत्र की विधायी उत्पादकता का मूल्यांकन करें, प्रमुख विधेयकों और जांच की गुणवत्ता पर प्रकाश डालें।
उत्तर (50 शब्द):
चतुर्थ सत्र 1 से 10 सितंबर 2025 तक 18 घंटे 40 मिनट की छह बैठकों में चला। राजस्थान चिकित्सा विज्ञान विधेयक, महिलाओं को रात्रि पाली में काम की अनुमति देने वाला कारखाना संशोधन और गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक सहित दस विधेयक पारित हुए। सदस्यों ने 3,008 प्रश्न और 161 संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत किए जिनमें 115 स्वीकृत हुए, जो सक्रिय विधायी पड़ताल को दर्शाते हैं।
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10 सितंबर 2025 को समाप्त हुए सोलहवीं राजस्थान विधान सभा के चतुर्थ सत्र में कुल कितने विधेयक पारित हुए?
चतुर्थ सत्र में कुल दस विधेयक पारित हुए और एक विधेयक वापस लिया गया। सात नए विधेयक पेश हुए और प्रवर समिति के तीन विधेयक लिए गए, जिससे सत्र में कुल दस विधेयक पारित हुए।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सोलहवीं राजस्थान विधान सभा के चतुर्थ सत्र को कब और किसने अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया?
अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बुधवार, 10 सितंबर 2025 को शाम 4:58 बजे चतुर्थ सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया।
सोलहवीं राजस्थान विधान सभा के चतुर्थ सत्र में कितने विधेयक पारित हुए?
दस विधेयक पारित हुए और एक विधेयक वापस लिया गया। सात नए विधेयक पेश हुए और प्रवर समिति द्वारा प्रस्तुत तीन विधेयकों पर विचार हुआ।
चतुर्थ सत्र की अवधि और बैठकों की संख्या क्या थी?
सत्र 1 से 10 सितंबर 2025 तक चला और इसमें कुल छह बैठकें हुईं, जिनकी अवधि 18 घंटे 40 मिनट रही।
कितने प्रश्न प्राप्त हुए और कितने संशोधन प्रस्ताव आए?
कुल 3,008 प्रश्न प्राप्त हुए — 1,237 तारांकित, 1,770 अतारांकित और 1 अल्पसूचना प्रश्न। 161 संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत हुए जिनमें से 115 स्वीकार और 46 अस्वीकार हुए।
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