भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 9-31 दिसंबर 2025 के बीच 35 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के पंजीकरण प्रमाणपत्र (CoR) रद्द कर दिए। यह जानकारी 7 जनवरी 2026 को जारी RBI की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।

NBFCs वे वित्तीय संस्थाएं हैं जो ऋण, निवेश और परिसंपत्ति वित्तपोषण जैसी बैंकिंग सेवाएं देती हैं, लेकिन इनके पास बैंक लाइसेंस नहीं होता। RBI अधिनियम, 1934 के तहत इनके लिए RBI से वैध पंजीकरण प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होता है।

रद्द किए गए 35 NBFCs में से 16 ने स्वेच्छा से अपने प्रमाणपत्र वापस कर दिए, जिससे सक्रिय अनुपालन या कारोबार बंद करने का संकेत मिलता है। शेष कंपनियों के पंजीकरण न्यूनतम नेट ओन्ड फंड (NOF) बनाए न रखने, अंकेक्षित वित्तीय विवरण प्रस्तुत न करने और उचित व्यवहार संहिता के उल्लंघन के कारण रद्द किए गए।

भौगोलिक दृष्टि से, अधिकांश रद्दीकरण दिल्ली-NCR क्षेत्र में केंद्रित हैं, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में छोटी, अनौपचारिक वित्त कंपनियों की सघन उपस्थिति को दर्शाता है।

यह घटना RPSC अभ्यर्थियों के लिए बैंकिंग क्षेत्र के विनियमन, शैडो बैंकिंग की निगरानी और RBI की नियामक शक्तियों को समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।