भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 8 अक्टूबर 2025 को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 में एकीकृत बाज़ार इंटरफ़ेस (UMI) का अनावरण किया। UMI वित्तीय बाज़ार के लिए अगली पीढ़ी का ढाँचा है। इसमें बॉन्ड, ट्रेज़री बिल, कॉर्पोरेट प्रतिभूतियों और डेरिवेटिव जैसी वित्तीय संपत्तियों को डिजिटल टोकन में बदला जाएगा और उनका निपटान होलसेल केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) से किया जाएगा। वास्तविक वित्तीय संपत्तियों को ब्लॉकचेन पर डिजिटल टोकन का रूप देना संपत्ति टोकनाइज़ेशन कहलाता है। इससे संपत्तियों में आंशिक हिस्सेदारी और ज़्यादा निवेशकों की भागीदारी संभव होती है। यह पहल जमा प्रमाणपत्र (CD) जारी करने से जुड़े आशाजनक पायलट नतीजों पर आधारित है और इसका लक्ष्य भारत के वित्तीय बाज़ार के ढाँचे को ज़्यादा कारगर, पारदर्शी और समावेशी बनाना है। UMI होलसेल CBDC को व्यापक बाज़ार व्यवस्था से जोड़ता है और रिटेल ई-रुपया पायलटों से आगे भारत की डिजिटल मुद्रा यात्रा का अहम कदम है।