नीति आयोग के महिला उद्यमिता प्लेटफ़ॉर्म और डीपी वर्ल्ड की 'वी राइज़' पहल महिला उद्यमियों और महिलाओं के नेतृत्व वाले एमएसएमई को वैश्विक बाजारों तक पहुंच दिलाने से जुड़ी अहम समसामयिकी है। यह पहल महिला उद्यमिता को केवल वित्तीय सहायता के मुद्दे के रूप में नहीं देखती, बल्कि बाजार से जुड़ाव, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, व्यापार-सुविधा और माल-ढुलाई सहायता जैसे पूरे उद्यमिता तंत्र से जोड़ती है। इससे छोटे कारोबारों को निर्यात की तैयारी और खरीदारों तक पहुंच, दोनों स्तरों पर मदद मिलती है।

परीक्षा की दृष्टि से इसका मुख्य बिंदु सार्वजनिक-निजी साझेदारी का मॉडल है। कार्यक्रम महिला उद्यमिता प्लेटफ़ॉर्म की अवॉर्ड टू रिवॉर्ड पहल के तहत है। इसके ज़रिए उच्च संभावनाओं वाले 100 महिला उद्यमियों को निर्यात के लिए तैयार करने, वैश्विक व्यापार आवश्यकताओं को समझने और कारोबार की क्षमता बढ़ाने पर काम किया जाएगा। चयनित उद्यमियों को दुबई के जेबेल अली फ्री ज़ोन में बन रहे भारत मार्ट में अपने उत्पाद दिखाने का अवसर भी मिल सकता है।

स्टैटिक जीके लिंक एमएसएमई, महिला-नेतृत्व वाला विकास, समावेशी विकास, निर्यात-तैयारी और उद्यमिता पारिस्थितिकी से बनता है। नीति आयोग में 2018 में शुरू हुआ महिला उद्यमिता प्लेटफ़ॉर्म 2022 में सार्वजनिक-निजी साझेदारी के रूप में आगे बढ़ा और 47 से अधिक साझेदारों के साथ काम करता है। यह वित्त तक पहुंच, बाजार से जुड़ाव, प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, अनुपालन-कानूनी सहायता और व्यवसाय-विकास सेवाओं जैसी 6 ज़रूरतों पर केंद्रित है। इसलिए प्रारंभिक परीक्षा में पहल, संस्थान और उद्देश्य पूछे जा सकते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा में महिला आर्थिक भागीदारी, एमएसएमई प्रतिस्पर्धा और निर्यात-आधारित समावेशी वृद्धि पर उपयोगी उदाहरण बनता है।