प्रकाशित: 23 मार्च 2026PIBअर्थव्यवस्था
MSME क्षेत्र में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना में संशोधन किया
केंद्र सरकार ने MSME विनिर्माण क्षेत्र को अधिक मदद देने के लिए म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना (MCGS) में संशोधन किया है। संशोधित योजना विनिर्माण से जुड़े सूक्ष्म और लघु उद्यमों के ऋण पर मिलने वाली गारंटी का दायरा बढ़ाती है, जिससे उनके लिए बिना गिरवी बैंक ऋण लेना आसान होगा।
इस संशोधन से देश भर में 2 लाख से अधिक MSME इकाइयों को लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में, जहाँ विनिर्माण के कई महत्वपूर्ण केंद्र हैं। यह योजना मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को हासिल करने की सरकार की व्यापक कोशिश का हिस्सा है। MSME क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30% योगदान देता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: विश्लेषण कीजिए कि म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना में संशोधन से MSME विनिर्माताओं के लिए बिना गिरवी ऋण लेना कैसे आसान होता है और मेक इन इंडिया के लक्ष्यों को कैसे बढ़ावा मिलता है।
उत्तर (50 शब्द):
केंद्र सरकार ने योजना में संशोधन कर सूक्ष्म-लघु विनिर्माण उद्यमों की ऋण-गारंटी बढ़ाई, जिससे बिना गिरवी ऋण लेना आसान होगा। राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र सहित 2 लाख से अधिक MSME इकाइयाँ लाभान्वित होंगी। सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30% योगदान देने वाला यह क्षेत्र मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को आगे बढ़ाता है।
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संशोधित म्यूचुअल क्रेडिट गारंटी योजना, एमसीजीएस, से कितने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को लाभ होने की उम्मीद है?
व्याख्या · सही उत्तर Cसंशोधित MCGS से भारत भर में 2 लाख से अधिक MSMEs को लाभ होने की उम्मीद है, विशेषकर राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र में।