प्रकाशित: 21 फ़रवरी 2026टॉपिक
भारतीय सेना के कोणार्क कोर ने राजस्थान के पोखरण में स्ट्रेला-10 VSHORADS का सफल लाइव फायरिंग अभ्यास किया
फरवरी 2026 के आसपास, भारतीय सेना के कोणार्क कोर — जो पश्चिमी मरुस्थल क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालती है — ने राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में स्ट्रेला-10 वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) की उच्च तीव्रता वाली लाइव फायरिंग की। ब्लेजिंग स्काईज़ ब्रिगेड के वायु रक्षा योद्धाओं ने चुनौतीपूर्ण मरुस्थलीय परिस्थितियों में अभ्यास हवाई लक्ष्यों पर सीधे निशाने साधे।
स्ट्रेला-10 (NATO नाम: SA-13 Gopher) सोवियत मूल की, अत्यधिक गतिशील, ट्रैक वाली वायु रक्षा प्रणाली है, जो लगभग 6–10 किलोमीटर की प्रभावी दूरी पर निम्न-उड़ान विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को निशाना बना सकती है। यह अभ्यास मरुस्थलीय इलाके में भारत की कम दूरी की वायु रक्षा क्षमताओं की परिचालन सटीकता और युद्ध तत्परता को दिखाता है।
पोखरण, राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित, भारत की सबसे महत्वपूर्ण सैन्य परीक्षण रेंजों में से एक है — ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा (1974) और ऑपरेशन शक्ति (1998) के परमाणु परीक्षणों के लिए प्रसिद्ध। यह अभ्यास भारत की पश्चिमी रक्षा रणनीति में राजस्थान की अग्रिम पंक्ति की भूमिका को रेखांकित करता है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
फरवरी 2026 में पोखरण में स्ट्रेला-10 वीशोरैड्स लाइव फायरिंग अभ्यास भारतीय सेना की किस कोर ने आयोजित किया?
व्याख्या · सही उत्तर Dभारतीय सेना के कोणार्क कोर, जो पश्चिमी रेगिस्तान क्षेत्र के लिए जिम्मेदार है, ने फरवरी 2026 में राजस्थान के पोखरन में स्ट्रेला-10 वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) की उच्च तीव्रता वाली लाइव फायरिंग आयोजित की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्ट्रेला-10 VSHORADS प्रणाली क्या है और इसकी उत्पत्ति कहाँ से है?
स्ट्रेला-10 सोवियत दौर की, ट्रैक वाले वाहन पर लगी मोबाइल अत्यंत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS) है। कम ऊंचाई पर आने वाले हवाई खतरों से निपटने के लिए बनी यह प्रणाली इन्फ्रारेड निर्देशित मिसाइलों का उपयोग करती है। भारत इसे राजस्थान जैसे अग्रिम मरुस्थलीय क्षेत्रों में अपनी स्तरित वायु रक्षा प्रणाली के हिस्से के रूप में इस्तेमाल करता है।
कोणार्क कोर क्या है और इसका मुख्यालय कहाँ है?
कोणार्क कोर दक्षिणी कमान के तहत भारतीय सेना की एक सैन्य संरचना है। इसका मुख्यालय जोधपुर, राजस्थान में है। यह राजस्थान सीमा से लगे भारत के पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र की रक्षा के लिए जिम्मेदार है और क्षेत्र की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कोर है।
फरवरी 2026 में पोखरण में स्ट्रेला-10 लाइव फायरिंग अभ्यास का क्या महत्व था?
पोखरण, राजस्थान में हुए लाइव फायरिंग अभ्यास में भारतीय सेना के कोणार्क कोर ने नकली हवाई लक्ष्यों पर सीधे निशाने साधे, जिससे स्ट्रेला-10 प्रणाली की परिचालन युद्ध तत्परता प्रमाणित हुई। इससे पाकिस्तान की सीमा से लगे रणनीतिक पश्चिमी मरुस्थलीय क्षेत्र में भारत की कम ऊंचाई पर वायु रक्षा क्षमता की पुष्टि हुई।
पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज भारत की रक्षा तैयारी के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?
जैसलमेर जिले, राजस्थान में स्थित पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज भारत का सबसे बड़ा सैन्य परीक्षण मैदान है। इसका उपयोग तोपखाने, मिसाइलों और हथियार प्रणालियों की लाइव फायरिंग तथा परीक्षण के लिए होता है। भारत के परमाणु परीक्षणों — ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा (1974) और ऑपरेशन शक्ति (1998) — के स्थल के रूप में भी इसका ऐतिहासिक महत्व है।
VSHORADS क्या हैं और आधुनिक युद्ध में ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?
VSHORADS — वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम — ऐसी पोर्टेबल या वाहन पर लगी हथियार प्रणालियाँ हैं, जिन्हें ड्रोन, हेलीकॉप्टर और क्रूज मिसाइलों जैसे कम ऊंचाई वाले हवाई खतरों को नजदीक से निष्क्रिय करने के लिए बनाया जाता है। आधुनिक संघर्षों में मानव रहित हवाई वाहनों (UAVs) के तेजी से प्रसार के कारण, VSHORADS जमीनी सेना और अग्रिम ठिकानों की सुरक्षा के लिए आवश्यक हो गए हैं।