फरवरी 2026 के आसपास, भारतीय सेना के कोणार्क कोर — जो पश्चिमी मरुस्थल क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालती है — ने राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में स्ट्रेला-10 वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) की उच्च तीव्रता वाली लाइव फायरिंग की। ब्लेजिंग स्काईज़ ब्रिगेड के वायु रक्षा योद्धाओं ने चुनौतीपूर्ण मरुस्थलीय परिस्थितियों में अभ्यास हवाई लक्ष्यों पर सीधे निशाने साधे।

स्ट्रेला-10 (NATO नाम: SA-13 Gopher) सोवियत मूल की, अत्यधिक गतिशील, ट्रैक वाली वायु रक्षा प्रणाली है, जो लगभग 6–10 किलोमीटर की प्रभावी दूरी पर निम्न-उड़ान विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को निशाना बना सकती है। यह अभ्यास मरुस्थलीय इलाके में भारत की कम दूरी की वायु रक्षा क्षमताओं की परिचालन सटीकता और युद्ध तत्परता को दिखाता है।

पोखरण, राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित, भारत की सबसे महत्वपूर्ण सैन्य परीक्षण रेंजों में से एक है — ऑपरेशन स्माइलिंग बुद्धा (1974) और ऑपरेशन शक्ति (1998) के परमाणु परीक्षणों के लिए प्रसिद्ध। यह अभ्यास भारत की पश्चिमी रक्षा रणनीति में राजस्थान की अग्रिम पंक्ति की भूमिका को रेखांकित करता है।