भारतीय सेना ने घोषणा की कि 78वीं सेना दिवस परेड 2026 का आयोजन 15 जनवरी 2026 को राजस्थान के जयपुर में महल रोड पर हुआ। सेना दिवस परेड पहली बार किसी सैन्य छावनी के बाहर और चौथी बार दिल्ली के बाहर आयोजित हुई। 10 जनवरी को तैयारियाँ ज़ोरों पर थीं और 9, 11 तथा 13 जनवरी को सार्वजनिक रिहर्सल निर्धारित थीं। परेड का मार्ग अक्षय पात्र सर्कल से महल रोड स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल तक था। कार्यक्रम में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने फ्लाई-पास्ट किया, औपचारिक मार्च पास्ट हुआ और मिसाइलों, टैंकों, ड्रोन तकनीक तथा आधुनिक युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राजस्थानी लोकनृत्य कालबेलिया और गैर शामिल थे। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने राजस्थान में इस आयोजन का स्वागत किया और इसे राज्य के लिए गर्व का विषय तथा भारतीय सेना और राजस्थान के लोगों के बीच गहरे रिश्ते का प्रतीक बताया। जयपुर के सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज परिसर में 8 से 12 जनवरी तक 'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी भी आयोजित हुई, जहाँ नागरिकों को आधुनिक हथियार प्रणालियाँ और रक्षा तकनीक देखने का अवसर मिला। जनता के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 14 जनवरी तक खुला था। एक लाख से अधिक दर्शकों ने परेड देखी। अलग-अलग राज्यों में सेना दिवस परेड आयोजित करने का निर्णय आम लोगों से जुड़ने और राष्ट्रीय एकीकरण के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
78वीं सेना दिवस परेड 15 जनवरी 2026 को जयपुर की महल रोड पर आयोजित हुई — पहली बार सैन्य छावनी के बाहर और चौथी बार दिल्ली के बाहर
भारतीय सेना ने घोषणा की कि 78वीं सेना दिवस परेड 2026 का आयोजन 15 जनवरी 2026 को राजस्थान के जयपुर में महल रोड पर हुआ। सेना दिवस परेड पहली बार किसी सैन्य छावनी के बाहर और चौथी बार दिल्ली के बाहर आयोजित हुई। 10 जनवरी को तैयारियाँ ज़ोरों पर थीं और 9, 11 तथा 13 जनवरी को सार्वजनिक रिहर्सल निर्धारित थीं। परेड का मार्ग अक्षय पात्र सर्कल से महल रोड स्थित बॉम्बे हॉस्पिटल तक था। कार्यक्रम में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने फ्लाई-पास्ट किया, औपचारिक मार्च पास्ट हुआ और मिसाइलों, टैंकों, ड्रोन तकनीक तथा आधुनिक युद्ध क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राजस्थानी लोकनृत्य कालबेलिया और गैर शामिल थे। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने राजस्थान में इस आयोजन का स्वागत किया और इसे राज्य के लिए गर्व का विषय तथा भारतीय सेना और राजस्थान के लोगों के बीच गहरे रिश्ते का प्रतीक बताया। जयपुर के सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज परिसर में 8 से 12 जनवरी तक 'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी भी आयोजित हुई, जहाँ नागरिकों को आधुनिक हथियार प्रणालियाँ और रक्षा तकनीक देखने का अवसर मिला। जनता के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 14 जनवरी तक खुला था। एक लाख से अधिक दर्शकों ने परेड देखी। अलग-अलग राज्यों में सेना दिवस परेड आयोजित करने का निर्णय आम लोगों से जुड़ने और राष्ट्रीय एकीकरण के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
- 78वीं सेना दिवस परेड 2026 जयपुर की महल रोड पर आयोजित हुई — किसी सैन्य छावनी के बाहर आयोजित होने वाली पहली सेना दिवस परेड।
- 2023 से अब तक यह चौथी बार था जब सेना दिवस परेड दिल्ली के बाहर आयोजित हुई।
- 15 जनवरी की मुख्य परेड से पहले 9, 11 और 13 जनवरी को सार्वजनिक रिहर्सल निर्धारित थीं।
- लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, मिसाइल, टैंक, ड्रोन तकनीक और आधुनिक युद्ध क्षमताएँ प्रदर्शित की गईं।
- 'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी 8 से 12 जनवरी तक जयपुर के सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज में आयोजित हुई।
- एक लाख से अधिक दर्शकों ने परेड देखी; प्रवेश के लिए निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था थी।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: जयपुर की महल रोड पर 78वीं सेना दिवस परेड आयोजित करने का क्या सामरिक महत्व था और सार्वजनिक प्रदर्शनी से नागरिकों को रक्षा क्षमताओं की जानकारी कैसे मिली?
उत्तर (50 शब्द):
15 जनवरी 2026 को जयपुर की महल रोड पर 78वीं सेना दिवस परेड पहली बार सैन्य छावनी के बाहर और चौथी बार दिल्ली के बाहर आयोजित हुई। एक लाख से अधिक दर्शकों ने मिसाइल, टैंक और ड्रोन तकनीक के प्रदर्शन देखे। भवानी निकेतन कॉलेज की नो योर आर्मी प्रदर्शनी में नागरिकों को आधुनिक हथियार प्रणालियाँ दिखाई गईं।
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लेख के अनुसार जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड के सांस्कृतिक प्रदर्शनों के दौरान कौन-से दो राजस्थानी लोक नृत्य प्रदर्शित किए गए?
लेख के अनुसार, परेड के दौरान फ्लाई-पास्ट, औपचारिक मार्च पास्ट और मिसाइलों, टैंकों तथा ड्रोन तकनीक के प्रदर्शन हुए; सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में राजस्थानी लोक नृत्य कालबेलिया और गैर शामिल थे।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड 2026 को आयोजन स्थल के लिहाज़ से ऐतिहासिक क्यों कहा गया?
78वीं सेना दिवस परेड 2026 ऐतिहासिक थी, क्योंकि यह भारत में किसी सैन्य छावनी के बाहर आयोजित होने वाली पहली सेना दिवस परेड और 2023 से दिल्ली के बाहर आयोजित होने वाली चौथी सेना दिवस परेड थी। जयपुर की महल रोड शहर की आम सड़क है; वहाँ आयोजन करना सैन्य समारोहों को नागरिकों के करीब ले जाने की सोची-समझी पहल थी।
78वीं सेना दिवस परेड की सार्वजनिक रिहर्सल कब निर्धारित थीं और मुख्य परेड की तारीख क्या थी?
78वीं सेना दिवस परेड की सार्वजनिक रिहर्सल 9, 11 और 13 जनवरी 2026 को निर्धारित थीं। मुख्य परेड 15 जनवरी 2026 को हुई। सेना दिवस 1949 की उस तारीख की याद में मनाया जाता है, जब जनरल के.एम. करियप्पा भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने।
जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड में कौन-से सैन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए?
जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड के दौरान लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों ने फ्लाई-पास्ट किया। मिसाइलों, टैंकों, ड्रोन तकनीक और अन्य आधुनिक युद्ध क्षमताओं का भी प्रदर्शन किया गया। परेड में भारतीय सेना की कई तरह की युद्धक क्षमता और तकनीकी ताकत दिखाई गई।
'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी क्या थी और जयपुर में यह कहाँ आयोजित हुई?
'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी 8 से 12 जनवरी 2026 तक जयपुर के सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज में आयोजित हुई। 15 जनवरी की मुख्य सेना दिवस परेड से पहले आम लोग वहाँ सैन्य उपकरणों, सैन्यकर्मियों और सैन्य प्रदर्शनों के बारे में जान सके।
दर्शक जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड देखने के लिए पंजीकरण कैसे करा सकते थे?
दर्शक निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण के ज़रिए 78वीं सेना दिवस परेड में शामिल हो सकते थे। एक लाख से अधिक दर्शकों ने परेड देखी। यह संख्या आम लोगों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने की सेना की मंशा को दर्शाती है।
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