21 नवंबर 2025 के आसपास, राजस्थान सरकार ने आर्थिक विकास में तेजी लाने, निवेश को बढ़ावा देने और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए — पहले से लागू 22 नीतियों के अतिरिक्त — 12 नई औद्योगिक और क्षेत्रीय नीतियाँ लाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान राइजिंग — इन्वेस्ट राजस्थान समिट के बाद राज्य को निवेश के पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। 12 नई नीतियाँ उभरते क्षेत्रों से जुड़ी हैं: सेमीकंडक्टर नीति, डेटा सेंटर नीति, मेडिकल डिवाइसेज नीति, रक्षा और एयरोस्पेस कॉरिडोर नीति, सौर ऊर्जा 2.0, EV और मोबिलिटी नीति, ग्रीन हाइड्रोजन नीति (30+ GW अक्षय ऊर्जा नेतृत्व का स्वाभाविक विस्तार), वस्त्र और परिधान नीति, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग नीति, इनोवेशन और स्टार्टअप नीति 2.0, AI और ML नीति, और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति। नई नीतियाँ 10 दिसंबर को 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' से पहले जारी होने की संभावना है। पाकिस्तान सीमा से लगी राजस्थान की स्थिति रक्षा निर्माण गलियारों के लिए महत्वपूर्ण है। 26 लाख से अधिक पंजीकृत MSME उद्यमों वाली राजस्थान की औद्योगिक अर्थव्यवस्था नई नीतियों से लाभान्वित होगी।
राजस्थान ने 12 नई औद्योगिक और क्षेत्रीय नीतियों की योजना बनाई; ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और रक्षा विनिर्माण पर ध्यान
21 नवंबर 2025 के आसपास, राजस्थान सरकार ने आर्थिक विकास में तेजी लाने, निवेश को बढ़ावा देने और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के लिए — पहले से लागू 22 नीतियों के अतिरिक्त — 12 नई औद्योगिक और क्षेत्रीय नीतियाँ लाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान राइजिंग — इन्वेस्ट राजस्थान समिट के बाद राज्य को पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। ये 12 नई नीतियाँ उभरते क्षेत्रों से जुड़ी हैं: सेमीकंडक्टर नीति, डेटा सेंटर नीति, मेडिकल डिवाइसेज नीति, रक्षा और एयरोस्पेस कॉरिडोर नीति, सौर ऊर्जा 2.0, EV और मोबिलिटी नीति, ग्रीन हाइड्रोजन नीति (30+ GW अक्षय ऊर्जा नेतृत्व का स्वाभाविक विस्तार), वस्त्र और परिधान नीति, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग नीति, इनोवेशन और स्टार्टअप नीति 2.0, AI और ML नीति, और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति। नई नीतियाँ 10 दिसंबर को 'प्रवासी राजस्थानी दिवस' से पहले जारी होने की संभावना है। पाकिस्तान सीमा से लगी राजस्थान की स्थिति रक्षा निर्माण गलियारों के लिए महत्वपूर्ण है। 26 लाख से अधिक पंजीकृत MSME उद्यमों वाली राजस्थान की औद्योगिक अर्थव्यवस्था नई नीतियों से लाभान्वित होगी।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान ने सेमीकंडक्टर, रक्षा, डेटा सेंटर और ग्रीन हाइड्रोजन को लक्ष्य बनाकर 12 नई नीतियों की योजना बनाई।
- नीतियों में EV और मोबिलिटी, AI और ML, नवाचार-स्टार्टअप 2.0 और GCC नीति शामिल।
- नई नीतियाँ 10 दिसंबर 2025 को प्रवासी राजस्थानी दिवस से पहले जारी होने की संभावना।
- राजस्थान 30+ GW स्थापित क्षमता के साथ भारत में अक्षय ऊर्जा में अग्रणी है।
- पाकिस्तान सीमा से लगी रणनीतिक स्थिति रक्षा निर्माण गलियारों को बढ़ावा देने में मदद करती है।
- 26 लाख से अधिक पंजीकृत MSME राजस्थान की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
6-अक्ष वर्गीकरण
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राजस्थान ने 2025 में कितनी नई औद्योगिक और क्षेत्रीय नीतियां शुरू करने की योजना बनाई?
राजस्थान ने ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और अन्य क्षेत्रों को लक्षित करते हुए 12 नई औद्योगिक और क्षेत्रीय नीतियों की योजना बनाई।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान ने नवंबर 2025 में कौन-सी 12 नई औद्योगिक और क्षेत्रीय नीतियों की घोषणा की?
नवंबर 2025 में राजस्थान सरकार ने उभरते और भविष्योन्मुखी क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए 12 नई नीतियाँ लाने की घोषणा की: (1) सेमीकंडक्टर नीति, (2) डेटा सेंटर नीति, (3) मेडिकल डिवाइसेज नीति, (4) रक्षा एवं एयरोस्पेस कॉरिडोर नीति, (5) सौर ऊर्जा नीति, (6) ग्रीन हाइड्रोजन नीति, (7) EV एवं मोबिलिटी नीति, (8) AI और ML नीति, (9) इनोवेशन एवं स्टार्टअप 2.0 नीति, (10) GCC नीति, तथा वस्त्र एवं खनन नीतियाँ। ये पहले से लागू 22 नीतियों के अतिरिक्त हैं।
राजस्थान को रक्षा विनिर्माण के लिए रणनीतिक क्यों माना जाता है और पाकिस्तान सीमा की इसमें क्या भूमिका है?
राजस्थान की 1,070 किमी लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान से लगती है, इसलिए भारत की पश्चिमी रक्षा तैयारी के लिए यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। इससे रक्षा एवं एयरोस्पेस कॉरिडोर की स्थापना को बल मिलता है, जहाँ रक्षा विनिर्माण इकाइयाँ सक्रिय रक्षा क्षेत्रों की निकटता का लाभ उठाकर निर्यात और घरेलू सैन्य जरूरतें पूरी कर सकती हैं। राज्य में परीक्षण रेंज और निर्माण इकाइयों के लिए विशाल भूमि उपलब्ध है — जो रक्षा उत्पादन क्लस्टर की अनिवार्य शर्त है।
भारत के नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य में राजस्थान की क्या स्थिति है और यह ग्रीन हाइड्रोजन के लिए क्यों आकर्षक है?
राजस्थान 30+ GW स्थापित क्षमता के साथ भारत में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी है। यहाँ सौर विकिरण दुनिया के सबसे ऊँचे स्तरों में गिना जाता है। इसी कारण राज्य ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का स्वाभाविक केंद्र बनता है; ग्रीन हाइड्रोजन नवीकरणीय बिजली से इलेक्ट्रोलाइज़र के ज़रिए बनने वाला कार्बन-उत्सर्जन रहित ईंधन है। भारत का राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन 2030 तक 50 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखता है और राजस्थान की नवीकरणीय ऊर्जा में बढ़त उसे प्रमुख उत्पादक बना सकती है।
राजस्थान राइजिंग — इन्वेस्ट राजस्थान समिट का क्या महत्व था?
राजस्थान राइजिंग — इन्वेस्ट राजस्थान समिट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार द्वारा घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए आयोजित एक प्रमुख निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रम था। इस समिट में नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, खनन और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण निवेश प्रतिबद्धताएँ मिलीं। समिट में की गई प्रतिबद्धताओं को लागू करने और राजस्थान को पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए 12 नई क्षेत्रीय नीतियाँ तैयार की गई हैं।
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) क्या हैं और राजस्थान की GCC नीति का क्या महत्व है?
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा स्थापित ऑफशोर या नियरशोर केंद्र होते हैं, जहाँ बड़े पैमाने पर IT, R&D, एनालिटिक्स, वित्त और इंजीनियरिंग जैसी वैश्विक सेवाएँ दी जाती हैं। भारत में 1,700 से अधिक GCC हैं, जो 17 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देते हैं। राजस्थान की GCC नीति का लक्ष्य जयपुर और अन्य टियर-2 शहरों में भूमि, अवसंरचना और प्रतिभा से जुड़े प्रतिस्पर्धी प्रोत्साहन देकर GCC निवेश आकर्षित करना है। इससे सेवा क्षेत्र में उच्च-गुणवत्ता वाले रोजगार बनेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधता आएगी।
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