प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया, जिसे ₹19,650 करोड़ की लागत से अदानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर विकसित किया है। इसी कार्यक्रम में मुंबई मेट्रो लाइन-3 के फेज 2B का भी उद्घाटन हुआ। यह खंड आचार्य अत्रे चौक से कफ परेड तक जुड़ता है, और पूरी लाइन-3 कफ परेड से आरे जोगेश्वरी-विक्रोली लिंक रोड तक 33.5 किमी में 27 स्टेशनों के साथ फैली है। इस कॉरिडोर से रोज़ाना लगभग 13 लाख यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री ने मुंबई वन एकीकृत मोबिलिटी ऐप भी लॉन्च किया, जिसके ज़रिए मेट्रो, मोनोरेल, उपनगरीय रेलवे और बस सेवाओं में सार्वजनिक परिवहन बुकिंग को एक साथ जोड़ा गया है।

परीक्षा में इसे ₹19,650 करोड़ की सार्वजनिक-निजी भागीदारी वाली हवाई अड्डा परियोजना, 33.5 किमी मेट्रो कॉरिडोर और मुंबई वन डिजिटल टिकटिंग ऐप के संयुक्त शहरी-परिवहन पैकेज के रूप में याद रखें। प्रारंभिक परीक्षा में लागत, लंबाई, स्टेशनों की संख्या, यात्री क्षमता, डेवलपर और लॉन्च किए गए ऐप जैसे सीधे तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसे महानगरों में भीड़ घटाने, सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने, निजी पूंजी के इस्तेमाल और शहरी सेवाओं के एकीकरण के उदाहरण के रूप में लिखा जा सकता है। स्टैटिक जीके से इसका संबंध हवाई अड्डा बुनियादी ढांचा, मेट्रो परियोजनाओं, सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल और शहरी शासन से बनता है। इसलिए याद रखने योग्य बात यह है कि यह केवल हवाई अड्डे का उद्घाटन नहीं, बल्कि मुंबई क्षेत्र में विमानन क्षमता, मेट्रो संपर्क और डिजिटल टिकटिंग को साथ जोड़ने वाला बुनियादी ढांचा पैकेज है।