भारतीय वायु सेना (IAF) ने सितंबर 2025 में अपने अंतिम दो MiG-21 स्क्वाड्रन को आधिकारिक रूप से सेवा से हटा दिया। इसके साथ 1963 में IAF में शामिल हुए इस सोवियत दौर के लड़ाकू विमान की छह दशकों से अधिक लंबी सेवा समाप्त हो गई। MiG-21 भारत का सबसे अधिक उड़ाया गया जेट रहा है और उसने 1965 तथा 1971 के युद्धों और कारगिल संघर्ष में भाग लिया। यह सेवानिवृत्ति भारत की आधुनिकीकरण नीति को दिखाती है; बेड़े में इसकी जगह स्वदेशी LCA तेजस Mk1A लेगा, जो आत्मनिर्भर भारत के रक्षा विनिर्माण दृष्टिकोण के अनुरूप है।