प्रकाशित: 13 जनवरी 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
नीति आयोग निर्यात तत्परता सूचकांक 2024: महाराष्ट्र बड़े राज्यों में शीर्ष पर, तमिलनाडु दूसरे और गुजरात तीसरे स्थान पर
नीति आयोग ने निर्यात तत्परता सूचकांक (EPI) 2024 का 4वां संस्करण जारी किया। यह सूचकांक अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निर्यात की तैयारी तथा प्रदर्शन के आधार पर भारत के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों का व्यापक मूल्यांकन करता है। इसमें राज्यों का मूल्यांकन चार प्रमुख स्तंभों — निर्यात अवसंरचना, व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र, नीति और शासन तथा निर्यात प्रदर्शन — के अंतर्गत 70 मापदंडों पर किया जाता है।
बड़े राज्यों की श्रेणी में महाराष्ट्र पहली बार इस संस्करण में शीर्ष पर रहा। उसके बाद तमिलनाडु दूसरे और गुजरात तीसरे स्थान पर रहे। इन राज्यों ने मजबूत निर्यात बुनियादी ढांचा, मजबूत औद्योगिक नीति ढांचा और अच्छी तरह विकसित लॉजिस्टिक्स पारिस्थितिकी तंत्र दिखाया है।
छोटे राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड शीर्ष पर रहा। यह जैविक उत्पादों, जड़ी-बूटियों और विशेष खाद्य पदार्थों जैसे विशिष्ट निर्यात क्षेत्रों को विकसित करने की पहाड़ी राज्यों की क्षमता को दर्शाता है।
राजस्थान के लिए यह सूचकांक महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य हस्तशिल्प, कपड़ा, रत्न और आभूषण, खनिज और कृषि-आधारित निर्यात में अपनी ताकत का लाभ उठाना चाहता है। EPI में राजस्थान की रैंकिंग बेहतर लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे, बेहतर व्यापार सुविधा और निर्यात मूल्य श्रृंखलाओं में MSME की अधिक भागीदारी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
RAS अभ्यर्थियों के लिए यह सूचकांक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह RPSC 2026 पाठ्यक्रम के केंद्रीय विषयों — भारत की व्यापार नीति, आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता, संघीय राजकोषीय ढांचे और राष्ट्रीय व्यापार परिदृश्य में राजस्थान की आर्थिक स्थिति — से जुड़ा है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
निर्यात तत्परता सूचकांक (EPI) क्या है और इसे कौन जारी करता है?
**निर्यात तत्परता सूचकांक (EPI)** को **नीति आयोग** जारी करता है। यह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए तैयारी का आकलन करने वाला उपकरण है। 2024 संस्करण **4वां संस्करण** है, जिसमें चार स्तंभों: **निर्यात अवसंरचना, व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र, नीति और शासन तथा निर्यात प्रदर्शन** के तहत **70 मापदंडों** का मूल्यांकन किया जाता है।
EPI 2024 में बड़े राज्यों की श्रेणी में कौन से राज्य शीर्ष पर रहे?
बड़े राज्यों की श्रेणी में **महाराष्ट्र** **पहले** (पहली बार) स्थान पर रहा, उसके बाद **तमिलनाडु** (दूसरे) और **गुजरात** (तीसरे) स्थान पर रहे। महाराष्ट्र का शीर्ष पर आना विनिर्माण, वित्तीय सेवा निर्यात और फार्मास्यूटिकल निर्यात क्लस्टरों में उसकी ताकत को दर्शाता है।
EPI 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में कौन सा राज्य शीर्ष पर रहा?
EPI 2024 में छोटे राज्यों की श्रेणी में **उत्तराखंड** शीर्ष पर रहा, जो जैविक उत्पादों, जड़ी-बूटियों और विशेष खाद्य पदार्थों जैसे विशिष्ट निर्यात क्षेत्रों को विकसित करने की पहाड़ी राज्यों की क्षमता को दर्शाता है।
निर्यात तत्परता सूचकांक के चार स्तंभ कौन से हैं?
EPI के चार स्तंभ हैं: (1) **नीति** — व्यापार नीति ढांचा और नियामक वातावरण; (2) **व्यावसायिक पारिस्थितिकी तंत्र** — औद्योगिक बुनियादी ढांचा और व्यापार वातावरण; (3) **निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र** — लॉजिस्टिक्स, बंदरगाह और व्यापार सुविधा; (4) **निर्यात प्रदर्शन** — वास्तविक निर्यात मात्रा और विविधीकरण।
EPI 2024 राजस्थान और RAS अभ्यर्थियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
राजस्थान की EPI रैंकिंग बेहतर **लॉजिस्टिक्स से जुड़े बुनियादी ढांचे**, **व्यापार सुविधा** और **MSME की मजबूत निर्यात भागीदारी** की आवश्यकता को रेखांकित करती है। राजस्थान के प्रमुख निर्यातों में **हस्तशिल्प, कपड़ा, रत्न और आभूषण, खनिज और कृषि-आधारित उत्पाद** शामिल हैं। RAS अभ्यर्थियों के लिए EPI भारत की व्यापार नीति, आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता और राजस्थान की आर्थिक स्थिति जैसे विषयों में उपयोगी है।