नवंबर 2025 तक भारत में ब्रॉडबैंड कनेक्शनों की संख्या 100 करोड़ के पार पहुँच गई। भारतनेट परियोजना 2.15 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों तक पहुँच चुकी है। डेटा की कीमत में 96% की कमी आई है और यह ₹269 प्रति GB से घटकर ₹8-10 प्रति GB रह गई है। देश में 42.36 लाख रूट किलोमीटर तक ऑप्टिकल फ़ाइबर बिछाया जा चुका है।

डिजिटल समावेशन बढ़ाने वाली प्रमुख पहलों में सार्वजनिक वाई-फ़ाई हॉटस्पॉट उपलब्ध कराने वाली प्रधानमंत्री वाई-फ़ाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफ़ेस (PM-WANI) योजना, दिसंबर 2025 तक 5.87 लाख कार्यरत कॉमन सर्विस सेंटर और प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान (PMGDISHA) शामिल हैं। PMGDISHA ने 6.39 करोड़ ग्रामीण लोगों को डिजिटल साक्षरता का प्रशिक्षण दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों और महिलाओं के बीच डिजिटल पहुँच का अंतर, भाषाई बाधाएँ और अंतिम छोर तक इंटरनेट पहुँचाने में दिक्कतें अब भी बनी हुई हैं। सरकार 6G और सैटेलाइट इंटरनेट का विस्तार करने के साथ भाषिणी की कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुवाद सेवाएँ बढ़ाने की योजना बना रही है।