भाई दूज, भाई-बहन के बंधन का हिंदू त्योहार, 23 अक्टूबर 2025 को मनाया गया, जो पांच दिवसीय दीपावली उत्सव का समापन था। साथ ही मणिपुर में निंगोल चाकौबा, विवाहित महिलाओं और उनके मायके से जुड़े रिश्तों का पारंपरिक मैतेई त्योहार मनाया गया। विवाहित महिलाएं (निंगोल) पारंपरिक मणिपुरी पोशाक में अपने पति और बच्चों के साथ मायके लौटीं और मछली करी, एरोम्बा और चखाओ खीर जैसे पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। इसी तैयारी के तहत मणिपुर के मत्स्य विभाग ने इंफाल के हाप्टा कांगजेइबुंग में वार्षिक मत्स्य मेला आयोजित किया।
23 अक्टूबर को पूरे भारत में भाई दूज और निंगोल चाकौबा मनाया गया
भाई दूज और मणिपुर का निंगोल चाकौबा 23 अक्टूबर को मनाया गया; दोनों त्योहार पारिवारिक बंधन को महत्व देते हैं।
मुख्य तथ्य
- भाई दूज 23 अक्टूबर 2025 को मनाया गया, और इसी के साथ पाँच दिवसीय दिवाली उत्सव का समापन हुआ।
- मणिपुर में इसी दिन निंगोल चाकोउबा भी मनाया गया, जिसमें विवाहित महिलाएँ भव्य भोज के लिए पैतृक घर लौटीं
- परंपरागत व्यंजन: मछली करी, एरोम्बा और चाखाओ खीर
- मणिपुर के मत्स्य विभाग ने इंफाल के हप्ता कांगजेइबुंग में वार्षिक मछली मेला सह मछली फसल प्रतियोगिता आयोजित की
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: पारिवारिक बंधन और सांस्कृतिक विविधता दर्शाने वाले त्योहारों के रूप में भाई दूज और निंगोल चाकौबा की तुलना करें।
उत्तर (50 शब्द):
23 अक्टूबर 2025 को मनाए गए भाई दूज में दीपावली के समापन पर भाई-बहन के बंधन का उत्सव होता है, जबकि निंगोल चाकौबा में विवाहित महिलाएं मायके लौटकर मछली करी, एरोम्बा और चाखाओ खीर का पारंपरिक मैतेई भोज करती हैं। दोनों त्योहार क्षेत्रीय परंपराओं से रिश्तेदारी को मजबूत करते हैं और भारतीय सांस्कृतिक बहुलता का उदाहरण हैं।
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स्रोत: DD News
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
23 अक्टूबर 2025 को पूरे भारत में कौन से त्योहार मनाए गए?
**भाई दूज** (दिवाली के दो दिन बाद मनाया जाने वाला भाई-बहन के बंधन का हिंदू त्योहार) और **निंगोल चाकोउबा** (मणिपुर का पारंपरिक त्योहार, जिसमें इसी बंधन का उत्सव मनाया जाता है) दोनों **23 अक्टूबर 2025** को पूरे भारत में मनाए गए।
भाई दूज किस लिए मनाया जाता है?
**भाई दूज** **भाई-बहनों के बंधन** का उत्सव है। इस दिन बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं, मिठाई खिलाती हैं और उनकी दीर्घायु और समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। यह दिवाली के दो दिन बाद मनाया जाता है।
निंगोल चाकोउबा क्या है और यह भाई दूज से कैसे मिलता-जुलता है?
**निंगोल चाकोउबा** मणिपुर का त्योहार है, जिसमें **भाई अपनी विवाहित बहनों को** भोजन और उपहार देने के लिए घर बुलाते हैं। भाई दूज की तरह यह भी **भाई-बहन के रिश्ते** को सांस्कृतिक रूप से सम्मान देता है।
मणिपुर में निंगोल चाकोउबा कौन सा समुदाय मनाता है?
**निंगोल चाकोउबा** मणिपुर के **मैतेई समुदाय** द्वारा मनाया जाता है। यह मैतेई महीने हियंगेई के दूसरे दिन पड़ता है और मणिपुर में सबसे अधिक मनाए जाने वाले त्योहारों में से एक है।
भाई दूज और निंगोल चाकोउबा भारत की सांस्कृतिक विविधता को कैसे दर्शाते हैं?
**भाई दूज** (हिंदू परंपरा) और **निंगोल चाकोउबा** (मैतेई और मणिपुरी परंपरा) का एक साथ मनाया जाना भारत की **विविधता में एकता** को दर्शाता है।
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