भाई दूज 2025 और मणिपुर का निंगोल चकौबा 23 अक्टूबर 2025 को मनाए गए। परीक्षा की दृष्टि से यह छोटी-सी खबर भारत की सांस्कृतिक विविधता, क्षेत्रीय त्योहारों और समुदाय-आधारित परंपराओं को समझने के लिए उपयोगी है। भाई दूज भाई-बहन के बंधन से जुड़ा व्यापक भारतीय पर्व है, जबकि निंगोल चकौबा मणिपुर की मैतेई परंपरा से जुड़ा त्योहार है। इसमें विवाहित महिलाएँ अपने मायके या पैतृक घर जाती हैं और परिवार के साथ भोजन, उपहार और रिश्तों के नवीनीकरण का अवसर बनता है। इसका मुख्य फोकस भाई-बहन और विवाहित महिलाओं के मायके से रिश्ते पर है।
निंगोल चकौबा का अर्थ भी परीक्षा में उपयोगी है: निंगोल बेटी या बहन के अर्थ में आता है और चकौबा दावत के लिए बुलाने से जुड़ा है। इसलिए यह त्योहार केवल धार्मिक तिथि याद करने का मामला नहीं है, बल्कि समाज और संस्कृति के सवालों में परिवार, समुदाय और क्षेत्रीय पहचान के उदाहरण के रूप में पूछा जा सकता है। मणिपुर में इसे राजपत्रित राज्य अवकाश के रूप में भी बताया गया है, इसलिए राज्य-विशेष त्योहार और सार्वजनिक अवकाश की मैपिंग में इसका महत्व बढ़ जाता है। RAS और UPSC प्रीलिम्स में ऐसे विषय सामान्यतः त्योहार-समुदाय-राज्य, लोक परंपरा और उत्तर-पूर्व भारत की सांस्कृतिक पहचान के रूप में आते हैं। मुख्य परीक्षा के लिए इससे सांस्कृतिक बहुलता, महिला और परिवार-आधारित सामाजिक संबंध, तथा क्षेत्रीय पहचान को भारतीय समाज के बड़े संदर्भ से जोड़कर समझा जा सकता है। स्टैटिक जीके से लिंक बनाते समय मणिपुर, मैतेई समुदाय, क्षेत्रीय पर्व और भाई दूज जैसे अखिल भारतीय पर्व की तुलना को साथ रखें।
