मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम की वाराणसी यात्रा के दौरान, भारत ने स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचे, समुद्री सुरक्षा और शिक्षा से जुड़े 68 करोड़ अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की। मुख्य घटकों में एक नए अस्पताल का निर्माण, जन औषधि केंद्र, एक आयुष केंद्र और पोर्ट लुइस का पुनर्विकास शामिल है। PM मोदी ने भारत और मॉरीशस के बीच गहरे सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों का उल्लेख किया। यह पैकेज भारत की 'पड़ोस पहले' और महासागर दृष्टि को मजबूत करता है।
भारत–मॉरीशस ने 68 करोड़ डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की
प्रधानमंत्री रामगुलाम की वाराणसी यात्रा के दौरान भारत ने मॉरीशस के लिए 68 करोड़ अमेरिकी डॉलर का पैकेज घोषित किया; इससे 'पड़ोस पहले' नीति और महासागर दृष्टि को मजबूती मिली।
मुख्य तथ्य
- भारत ने मॉरीशस के लिए 68 करोड़ अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की।
- इस पैकेज में स्वास्थ्य, अवसंरचना, समुद्री सुरक्षा और शिक्षा क्षेत्र शामिल हैं।
- प्रधानमंत्री रामगुलाम की वाराणसी यात्रा के दौरान इसकी घोषणा की गई।
- भारत की 'पड़ोस पहले' और महासागर दृष्टि को मजबूती मिली।
- इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत-मॉरीशस रणनीतिक संबंध सुदृढ़ हुए।
- यह पैकेज द्वीपीय राष्ट्रों के साथ भारत के विकास साझेदारी मॉडल को दर्शाता है।
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भारत-मॉरीशस आर्थिक पैकेज भारत की किस हिंद महासागर और ग्लोबल साउथ दृष्टि को मजबूत करता है?
भारत ने मॉरीशस को अपनी पड़ोसी प्रथम नीति और MAHASAGAR दृष्टि का अहम हिस्सा बताया है। MAHASAGAR, पहले की SAGAR सोच को आगे बढ़ाते हुए व्यापार, क्षमता निर्माण, रियायती सहायता और साझा सुरक्षा के जरिए सहयोग पर जोर देता है।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-मॉरीशस 68 करोड़ डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज क्या है और इसमें कौन-कौन से क्षेत्र शामिल हैं?
भारत ने मॉरीशस के लिए 68 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹5,700 करोड़) का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया। इसमें चार प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं: स्वास्थ्य (अस्पताल अवसंरचना और दवाइयाँ), भौतिक अवसंरचना (सड़कें और बंदरगाह), समुद्री सुरक्षा (गश्ती जहाज और निगरानी प्रणाली), और शिक्षा (छात्रवृत्ति और शैक्षणिक सहयोग)। यह पैकेज मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम की वाराणसी यात्रा के दौरान घोषित किया गया।
भारत की 'पड़ोस पहले' नीति क्या है और मॉरीशस पैकेज इसे कैसे दर्शाता है?
भारत की 'पड़ोस पहले' नीति निकटवर्ती और विस्तारित पड़ोसियों के साथ राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को प्राथमिकता देती है। 68 करोड़ डॉलर का मॉरीशस पैकेज इस नीति को दर्शाता है, क्योंकि यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद महासागर द्वीपीय राष्ट्र को विकास सहायता देता है और क्षेत्र में चीन की तुलना में भारत को पसंदीदा विकास भागीदार के रूप में मजबूत करता है।
SAGAR नीति क्या है और मॉरीशस के साथ भारत के संबंधों में इसकी क्या प्रासंगिकता है?
SAGAR का अर्थ है 'Security And Growth for All in the Region' — PM मोदी द्वारा 2015 में प्रस्तुत भारत का हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) के लिए समुद्री सिद्धांत। यह समुद्री सुरक्षा सहयोग, नीली अर्थव्यवस्था के विकास और क्षेत्रेतर प्रभाव (विशेषकर चीनी) को रोकने पर केंद्रित है। IOR में रणनीतिक स्थान पर स्थित मॉरीशस SAGAR के तहत एक प्रमुख भागीदार है।
हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के लिए मॉरीशस रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
मॉरीशस दक्षिण-पश्चिमी हिंद महासागर में मेडागास्कर से लगभग 2,000 किमी पूर्व में रणनीतिक स्थान पर है। भारत और मॉरीशस ने 2021 में व्यापक आर्थिक सहयोग और भागीदारी समझौता (CECPA) पर हस्ताक्षर किए — किसी अफ्रीकी द्वीपीय राष्ट्र के साथ भारत का पहला ऐसा समझौता। मॉरीशस की अगालेगा द्वीप परियोजना में भारत ने समुद्री निगरानी के लिए अवसंरचना विकसित की है।
RPSC परीक्षाओं में भारत की विकास कूटनीति के संदर्भ में भारत-मॉरीशस पैकेज की क्या प्रासंगिकता है?
68 करोड़ डॉलर का पैकेज भारत की विकास कूटनीति के मॉडल का उदाहरण है — छोटे राष्ट्रों पर राजनीतिक शर्तें लगाए बिना आर्थिक सहायता, ऋण-सुविधा और अवसंरचना परियोजनाओं के जरिए प्रभाव बढ़ाना। RPSC सामान्य अध्ययन पेपर 2 के लिए यह भारत की विदेश नीति, दक्षिण-दक्षिण सहयोग और SAGAR तथा 'पड़ोस पहले' पहलों के जरिए हिंद महासागर में चीनी प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति से जुड़ता है।
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