रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की राजकीय यात्रा पर आए। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण (फरवरी 2022) के बाद यह पुतिन की पहली भारत यात्रा थी। इसी दौरान 23वाँ भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन (4-5 दिसंबर 2025) हुआ। दोनों नेताओं ने 'रूस-भारत: विश्वास और पारस्परिक सम्मान पर आधारित एक समय-परीक्षित प्रगतिशील साझेदारी' शीर्षक संयुक्त वक्तव्य अपनाया। प्रमुख परिणामों में द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य $100 अरब, अधिक भारतीय श्रमिकों को रूस में काम की सुविधा, ऊर्जा सहयोग (रूस भारत के 35-40% कच्चे तेल की आपूर्ति करता है) तथा रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु सहयोग शामिल रहे। भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी (SPSP, 2010) की पुष्टि की गई। यह यात्रा अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को दिखाती है।