राजस्थान सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 से पंजीकृत गौशालाओं के लिए दैनिक अनुदान बढ़ाया है। अब प्रति गाय सहायता ₹44 से बढ़कर ₹50 और प्रति बछड़ा सहायता ₹22 से बढ़कर ₹25 हो गई है। यह बदलाव राजस्थान बजट 2025-26 से जुड़ा है और इसे पशुधन कल्याण, गौ संरक्षण संस्थाओं की मदद तथा टिकाऊ कृषि के संदर्भ में समझना चाहिए।
इसी बजट में उन छोटे और सीमांत किसानों के लिए वार्षिक ₹30,000 सहायता का प्रावधान भी है, जो बैलों पर आधारित पारंपरिक खेती जारी रखते हैं। इसलिए यह मुद्दा केवल गौशाला अनुदान तक सीमित नहीं है; यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुपालन और राज्य-स्तरीय कल्याण नीति से भी जुड़ता है। परीक्षा की दृष्टि से राशि, लाभार्थी और वित्त वर्ष सबसे महत्वपूर्ण तथ्य हैं।
RAS और अन्य राजस्थान परीक्षाओं में ऐसे बजटीय प्रावधान सीधे तथ्यात्मक प्रश्नों में पूछे जा सकते हैं, जैसे प्रति गाय या प्रति बछड़ा नई दैनिक सहायता कितनी है। मुख्य परीक्षा में इसे पशुधन कल्याण, पारंपरिक खेती को सहारा और ग्रामीण आजीविका की सुरक्षा जैसे बिंदुओं से जोड़ा जा सकता है।
दिसंबर 2025 तक राजस्थान ने 3,043 गौशालाओं को ₹1,204.90 करोड़ आवंटित किए। इससे गौशाला नेटवर्क के लिए राज्य की वित्तीय प्राथमिकता दिखती है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पशुधन कल्याण और टिकाऊ कृषि एजेंडे के संदर्भ में परीक्षार्थी दैनिक सहायता दरों, पात्र पंजीकृत गौशालाओं और ग्रामीण आजीविका से जुड़े उदाहरण को याद रख सकते हैं।
