राजस्थान राज्य सरकार ने अपना बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए ₹1,19,408 करोड़ का ऐतिहासिक आवंटन किया गया। यह पिछले वर्ष की तुलना में 34% अधिक है। राज्य के इतिहास में यह अब तक का सबसे बड़ा कृषि बजट है और इससे किसानों की आय दोगुनी करने तथा राजस्थान में ग्रामीण समृद्धि सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता साफ दिखती है।

बजट में एक महत्वपूर्ण प्रावधान 35 लाख किसानों को ₹25,000 करोड़ के ब्याज-मुक्त अल्पकालिक ऋण देने का है। इस पहल का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों पर वित्तीय बोझ कम करना है, ताकि वे ऊंची ब्याज दरों के दबाव के बिना बीज, उर्वरक और आधुनिक कृषि सामग्री में निवेश कर सकें।

राजस्थान में सूखे की पुरानी समस्या से निपटने के लिए बजट में पानी की कमी वाले जिलों में 600 नए ट्यूबवेल और 1,200 अतिरिक्त हैंडपंप बनाने के लिए धनराशि रखी गई है। ये उपाय अनियमित मानसून और भूजल की कमी से जूझ रहे कृषि समुदायों को तत्काल राहत देंगे।

सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक शेखावाटी यमुना जल आपूर्ति परियोजना है। यह ₹32,000 करोड़ की पहल है, जिसके लिए राजस्थान ने हरियाणा सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस परियोजना का उद्देश्य शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, झुंझुनू और चूरू जैसे शुष्क जिलों तक यमुना नदी का पानी पहुंचाना है, जो लंबे समय से गंभीर जल संकट से जूझते रहे हैं। इस परियोजना से भरोसेमंद सिंचाई उपलब्ध होने, घटते भूजल पर निर्भरता कम होने और किसानों को बागवानी तथा नकदी फसलों की ओर विविधता लाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे इस क्षेत्र की कृषि उत्पादकता में बड़ा सुधार हो सकता है।