प्रकाशित: 13 फ़रवरी 2026PIB / News9Liveअर्थव्यवस्था
फरवरी 2026 में भारत की WPI मुद्रास्फीति 2.13% और CPI मुद्रास्फीति 3.21% रही, जिससे कीमतों पर दबाव सीमित रहने का संकेत मिला
14 फरवरी 2026 के आसपास जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 के लिए भारत की थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति 2.13% (अनंतिम) रही। इसका मुख्य कारण अन्य विनिर्माण, बुनियादी धातुओं का निर्माण, गैर-खाद्य वस्तुओं, खाद्य वस्तुओं और कपड़ा क्षेत्र में कीमतों की बढ़ोतरी रही। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति फरवरी 2026 के लिए 3.21% (अनंतिम) रही, जिसमें ग्रामीण मुद्रास्फीति 3.37% और शहरी 3.02% रही (आधार वर्ष: 2024=100)।
अपेक्षाकृत कम मुद्रास्फीति के आंकड़े भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के मौद्रिक नीति प्रबंधन को दर्शाते हैं। मध्यम मुद्रास्फीति राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है — जो कृषि उत्पादन और ग्रामीण जनसंख्या वाला बड़ा राज्य है — क्योंकि यह स्थिर खाद्य कीमतों और जीवन-यापन की लागत के प्रबंधनीय रहने का संकेत देती है। CPI डेटा RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के रेपो दर पर निर्णयों को प्रभावित करता है, जो कृषि ऋण और ग्रामीण आजीविका को प्रभावित करता है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
फरवरी 2026 में भारत की WPI मुद्रास्फीति किस स्तर पर थी?
व्याख्या · सही उत्तर Cवाणिज्य मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार फरवरी 2026 में अखिल भारतीय थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति दर 2.13% थी। जनवरी 2026 का आंकड़ा इससे अलग था, इसलिए मूल प्रश्न में महीने को सुधारना जरूरी था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फरवरी 2026 में भारत की WPI मुद्रास्फीति क्या रही और इसके पीछे कौन-से कारण रहे?
फरवरी 2026 के लिए भारत की WPI (थोक मूल्य सूचकांक) मुद्रास्फीति 2.13% रही, जिसकी मुख्य वजह धातुओं, विनिर्माण वस्तुओं और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें थीं। यह आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था में उत्पादक स्तर पर कीमतों की स्थिर स्थिति को दर्शाता है।
फरवरी 2026 में भारत की CPI मुद्रास्फीति क्या थी और ग्रामीण व शहरी आंकड़ों में क्या अंतर रहा?
फरवरी 2026 के लिए भारत की CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) मुद्रास्फीति 3.21% रही। ग्रामीण CPI 3.37% और शहरी CPI 3.02% रही, जिससे संकेत मिलता है कि शहरी क्षेत्रों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य कीमतों का दबाव अधिक था।
RBI का मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण ढाँचा क्या है और फरवरी 2026 के आंकड़े इससे कैसे संबंधित हैं?
मौद्रिक नीति ढाँचा समझौते के तहत RBI ने CPI मुद्रास्फीति का लक्ष्य 4% और सहनशीलता सीमा ±2% (यानी 2%–6%) रखी है। फरवरी 2026 की CPI 3.21% इस लक्ष्य सीमा के भीतर है, इसलिए RBI के पास अपनी मौद्रिक नीति स्थिति बनाए रखने या उसे नरम करने की गुंजाइश रहती है।
मुद्रास्फीति के मापदंड के रूप में WPI और CPI में क्या अंतर है?
WPI (थोक मूल्य सूचकांक) उत्पादक और थोक स्तर पर कीमतों में बदलाव मापता है और इसमें केवल वस्तुएँ शामिल होती हैं। CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) खुदरा उपभोक्ता स्तर पर कीमतों में बदलाव मापता है और इसमें वस्तुओं के साथ-साथ सेवाएँ भी शामिल होती हैं। RBI के मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण में CPI का उपयोग होता है, जबकि औद्योगिक मूल्य निर्धारण और GDP अपस्फीतिकर गणना में WPI का उपयोग होता है।
ग्रामीण और शहरी CPI के बीच का अंतर नीति-निर्माण के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
फरवरी 2026 में ग्रामीण CPI (3.37%) और शहरी CPI (3.02%) का अंतर बताता है कि ग्रामीण परिवारों पर खाद्य कीमतों का दबाव अपेक्षाकृत अधिक है। यह अंतर लक्षित खाद्य सब्सिडी और कृषि मूल्य समर्थन नीतियाँ बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। साथ ही, यह ग्रामीण और शहरी भारत के बीच उपभोग के ढर्रे तथा आपूर्ति श्रृंखला तक पहुँच में मौजूद संरचनात्मक अंतर को भी दिखाता है।