14 फरवरी 2026 के आसपास जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फरवरी 2026 के लिए भारत की थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति 2.13% (अनंतिम) रही। इसका मुख्य कारण अन्य विनिर्माण, बुनियादी धातुओं का निर्माण, गैर-खाद्य वस्तुओं, खाद्य वस्तुओं और कपड़ा क्षेत्र में कीमतों की बढ़ोतरी रही। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित मुद्रास्फीति फरवरी 2026 के लिए 3.21% (अनंतिम) रही, जिसमें ग्रामीण मुद्रास्फीति 3.37% और शहरी 3.02% रही (आधार वर्ष: 2024=100)।

अपेक्षाकृत कम मुद्रास्फीति के आंकड़े भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के मौद्रिक नीति प्रबंधन को दर्शाते हैं। मध्यम मुद्रास्फीति राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है — जो कृषि उत्पादन और ग्रामीण जनसंख्या वाला बड़ा राज्य है — क्योंकि यह स्थिर खाद्य कीमतों और जीवन-यापन की लागत के प्रबंधनीय रहने का संकेत देती है। CPI डेटा RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के रेपो दर पर निर्णयों को प्रभावित करता है, जो कृषि ऋण और ग्रामीण आजीविका को प्रभावित करता है।