भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांस की सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस ने 24 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में संयुक्त उद्यम सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह भारत में हैमर (हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज) स्मार्ट सटीक-निर्देशित हवा-से-ज़मीन हथियार बनाने के लिए 50:50 समान हिस्सेदारी वाली प्रस्तावित निजी लिमिटेड कंपनी की दिशा में कदम है। यह समझौता फरवरी 2025 में एयरो इंडिया के दौरान हुए समझौता-ज्ञापन पर आधारित है। साझेदारों की ओर से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज जैन और सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस के वैश्विक रक्षा व्यवसाय इकाई प्रमुख अलेक्जेंड्रे ज़िगलर ने हस्ताक्षर किए। हैमर फ्रांस की ऐसी सटीक हवा-से-ज़मीन हथियार प्रणाली है, जिसे मूल रूप से फ्रांसीसी राफेल बेड़े के लिए विकसित किया गया था और युद्ध में परखा जा चुका है। इसमें GPS/INS मार्गदर्शन के साथ अलग-अलग तरह के वारहेड और प्रणोदन के विकल्प हैं। इसे राफेल और भारत के हल्के लड़ाकू विमान तेजस सहित कई विमानों से दागा जा सकता है। प्रस्तावित संयुक्त उद्यम का लक्ष्य अहम उप-इकाइयों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और यांत्रिक पुर्जों का स्थानीय निर्माण करके 60% तक स्वदेशीकरण करना है। नई कंपनी भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के लिए हैमर युद्ध सामग्री का निर्माण, आपूर्ति और रखरखाव भारत में करेगी। यह व्यवस्था 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के तहत रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण है। इसके साथ हैमर उन्नत रक्षा प्रणालियों के भारतीय सह-उत्पादन की शृंखला में नई कड़ी बन जाएगा। भारत और फ्रांस 1998 से रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों के बीच रक्षा औद्योगिक रोडमैप भी है। भारत में हैमर का निर्माण भारतीय वायु सेना और नौसेना की सटीक प्रहार क्षमता बढ़ाता है और विदेशी आयात पर निर्भरता घटाता है।
HAMMER सटीक निर्देशित युद्ध सामग्री के लिए BEL-Safran JV: 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी गहरी हुई
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांस की सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस ने 24 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में हैमर (हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज) स्मार्ट, सटीक निशाना लगाने वाले हवा से जमीन पर मार करने वाले हथियार को भारत में बनाने के लिए संयुक्त उद्यम सहयोग समझौता किया। यह 50:50 समान हिस्सेदारी वाली निजी लिमिटेड कंपनी की दिशा में कदम है। यह समझौता फरवरी 2025 के एयरो इंडिया में हस्ताक्षरित समझौता-ज्ञापन पर आधारित है। हैमर मूलतः फ्रांस के राफेल बेड़े के लिए विकसित और युद्ध में परखी जा चुकी सटीक हथियार प्रणाली है, जिसमें जीपीएस और आईएनएस मार्गदर्शन है। प्रस्तावित संयुक्त उद्यम 60 प्रतिशत तक स्वदेशीकरण का लक्ष्य रखता है। नई इकाई भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के लिए हैमर का स्थानीय निर्माण, आपूर्ति और रखरखाव करेगी। यह 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' के तहत भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण है। भारत और फ्रांस 1998 से रणनीतिक साझेदारी और रक्षा औद्योगिक रोडमैप साझा करते हैं।
मुख्य तथ्य
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांस की सफ्रान ने भारत में हैमर हवा-से-ज़मीन युद्ध सामग्री बनाने के प्रस्तावित 50:50 संयुक्त उद्यम के लिए सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए।
- हैमर GPS/INS मार्गदर्शन वाला सटीक हथियार है, जिसे मूल रूप से राफेल बेड़े के लिए विकसित किया गया था और युद्ध में परखा जा चुका है।
- प्रस्तावित संयुक्त उद्यम का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के तहत हैमर के घटकों का 60% तक स्वदेशीकरण करना है।
- यह समझौता फरवरी 2025 में एयरो इंडिया के दौरान हुए समझौता-ज्ञापन पर आधारित है।
- प्रस्तावित संयुक्त उद्यम भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना, दोनों को हैमर युद्ध सामग्री की आपूर्ति करेगा।
- भारत और फ्रांस 1998 से रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों के बीच रक्षा औद्योगिक रोडमैप भी है।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2016 'भारत की नई विदेश व्यापार नीति 2015-20 का केंद्र-बिंदु विनिर्माण और सेवा निर्यात दोनों को समर्थन देना तथा इसे मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम और भारत में व्यापार सुगमता के साथ संरेखित करना है।' इस कथन को समझाइए। — यह प्रश्न मेक इन इंडिया के साथ व्यापार नीति के संरेखण से संबंधित है, जो मेक इन इंडिया ढांचे के तहत हैमर गोला-बारूद निर्माण हेतु बीईएल-सफ्रान संयुक्त उद्यम से सीधे जुड़ा है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत भारत में हैमर सटीक निर्देशित गोला-बारूद के निर्माण के लिए बीईएल-सफ्रान संयुक्त उद्यम और भारत-फ्रांस रक्षा औद्योगिक सहयोग में इसके महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांस की सफ्रान ने 24-25 नवंबर 2025 को भारत में 60% स्वदेशीकरण लक्ष्य के साथ हैमर सटीक हवा-से-जमीन हथियारों के निर्माण के लिए 50:50 संयुक्त उद्यम पर हस्ताक्षर किए। राफेल और एलसीए तेजस के अनुकूल यह प्रणाली वायुसेना एवं नौसेना की प्रहार क्षमता सुदृढ़ करती है और 1998 से स्थापित भारत-फ्रांस रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाती है।
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भारत में HAMMER परिशुद्ध-निर्देशित हथियारों के निर्माण के लिए BEL और Safran ने संयुक्त उद्यम समझौते को किस वर्ष औपचारिक रूप दिया?
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और Safran Electronics & Defence ने नवंबर 2025 में संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए। प्रस्तावित कंपनी 50:50 हिस्सेदारी वाली निजी लिमिटेड संयुक्त उद्यम कंपनी होनी थी, जिसका उद्देश्य भारतीय रक्षा ज़रूरतों के लिए HAMMER हथियारों का स्थानीय निर्माण, आपूर्ति और रखरखाव करना था। इसलिए सही वर्ष 2025 है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हैमर युद्ध सामग्री के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड-सफ्रान संयुक्त उद्यम समझौते पर कब और कहाँ हस्ताक्षर हुए?
हैमर युद्ध सामग्री से जुड़ा भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड-सफ्रान संयुक्त उद्यम सहयोग समझौता 2025 में हुआ था। नई दिल्ली में 24 नवंबर को इस पर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज जैन और सफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस के वैश्विक रक्षा व्यवसाय इकाई प्रमुख अलेक्जेंड्रे ज़िगलर ने हस्ताक्षर किए।
हैमर का पूरा नाम क्या है और यह किस प्रकार का हथियार है?
हैमर का पूरा नाम हाईली एजाइल मॉड्यूलर म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज है। यह GPS/INS मार्गदर्शन वाला स्मार्ट और सटीक हवा-से-ज़मीन हथियार है, जिसे सफ्रान ने मूल रूप से फ्रांसीसी राफेल लड़ाकू विमान बेड़े के लिए विकसित किया था और जिसे युद्ध में परखा जा चुका है। विमान से छोड़े जाने के बाद यह सटीक मार्गदर्शन के साथ स्वयं लक्ष्य की ओर बढ़ता है।
प्रस्तावित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड-सफ्रान संयुक्त उद्यम की हिस्सेदारी संरचना क्या है और इसका स्वदेशीकरण लक्ष्य कितना है?
प्रस्तावित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड-सफ्रान संयुक्त उद्यम 50:50 समान हिस्सेदारी वाली निजी लिमिटेड कंपनी होगा। इसका लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत रक्षा पहल के तहत हैमर के घटकों का 60% तक स्वदेशीकरण करना है।
इस संयुक्त उद्यम से पहले भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग का क्या इतिहास रहा है?
भारत और फ्रांस 1998 से रणनीतिक साझेदार हैं और दोनों के बीच रक्षा औद्योगिक रोडमैप भी है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड-सफ्रान संयुक्त उद्यम समझौता फरवरी 2025 में एयरो इंडिया के दौरान हुए समझौता-ज्ञापन पर आधारित है। फ्रांस भारत का प्रमुख रक्षा साझेदार रहा है, जिसने भारतीय वायु सेना को राफेल लड़ाकू विमान दिए हैं और अब मेक इन इंडिया के तहत रक्षा संबंधों को और आगे बढ़ा रहा है।
प्रस्तावित संयुक्त उद्यम किन भारतीय सशस्त्र बलों को हैमर युद्ध सामग्री की आपूर्ति करेगा?
प्रस्तावित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड-सफ्रान संयुक्त उद्यम भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना, दोनों को हैमर सटीक-निर्देशित युद्ध सामग्री की आपूर्ति करेगा। इसलिए यह दोनों सेनाओं की हवा-से-ज़मीन सटीक प्रहार क्षमता के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
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