21 अप्रैल 2026 को राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) परिसर की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में बड़ी आग लग गई। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रिफाइनरी को औपचारिक रूप से राष्ट्र को समर्पित करने का कार्यक्रम तय था, जिसे स्थगित करना पड़ा। आग सीडीयू अनुभाग के हीट-एक्सचेंजर सर्किट में लगी और प्रथम दृष्टया इसका कारण वाल्व फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन रिसाव बताया गया। एचपीसीएल ने पुष्टि की कि आग हीट-एक्सचेंजर स्टैक तक ही सीमित रही; अन्य इकाइयों को शीघ्र अलग कर दिया गया और वे संरचनात्मक रूप से सुरक्षित तथा अप्रभावित रहीं। किसी भी कर्मी की जान नहीं गई और कोई घायल नहीं हुआ। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा घटनास्थल पहुँचे, घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, विस्तृत उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए और काम शीघ्र बहाल कराने में राज्य की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अलग से एक जाँच पैनल गठित किया तथा एचपीसीएल ने अपनी तकनीकी जाँच शुरू की। प्रस्तावित प्रधानमंत्री कार्यक्रम की निकटता को देखते हुए जाँचकर्ता सीसीटीवी फुटेज की भी समीक्षा कर रहे हैं। पचपदरा रिफाइनरी को भारत का पहला ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोरसायन परिसर बताया जाता है, जिसकी संशोधित कैबिनेट-स्वीकृत लागत ₹79,459 करोड़ और कच्चे तेल की प्रसंस्करण क्षमता 90 लाख टन प्रतिवर्ष है। उद्घाटन की नई तिथि प्रधानमंत्री कार्यालय घोषित करेगा। एचपीसीएल और राजस्थान सरकार के 74:26 संयुक्त उद्यम ने इस परियोजना पर 2018 में काम शुरू किया था तथा निर्धारित वाणिज्यिक संचालन तिथि 1 जुलाई 2026 बनी हुई है।