SEBI के अध्यक्ष तुहिन कांता पांडेय ने 7 मार्च 2026 को घोषणा की कि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने 'सुदर्शन' नाम की अपनी एआई निगरानी प्रणाली तैनात की है। इस प्रणाली ने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर अपंजीकृत फिनफ्लुएंसरों की 1.2 लाख से अधिक भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट सफलतापूर्वक हटाई हैं।

सुदर्शन टूल कई भाषाओं में ऑडियो, वीडियो और टेक्स्ट की जाँच करके बिना पंजीकरण के दी जा रही निवेश सलाह और बाज़ार में हेरफेर का पता लगाता है। SEBI के नियमों के अनुसार निवेश सलाह केवल उसके यहाँ पंजीकृत संस्थाएँ ही दे सकती हैं। जो अपंजीकृत फिनफ्लुएंसर वित्तीय शिक्षा तक सीमित न रहकर सीधे निवेश सलाह देते हैं, उनके विरुद्ध SEBI के निवेश सलाहकार विनियम, 2013 के तहत कार्रवाई हो सकती है। फरवरी 2026 तक SEBI ने चालू वित्त वर्ष में 1.33 लाख भ्रामक पोस्ट चिह्नित की थीं। यह टूल SEBI को गूगल जैसे प्लेटफ़ॉर्म से स्टॉक-ट्रेडिंग ऐप का सत्यापन कराने में भी मदद करता है।

यह कदम निवेशकों की सुरक्षा और वित्तीय बाज़ार में भरोसा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। यह नियमन और शासन-व्यवस्था, डिजिटल वित्त तथा लोक प्रशासन में एआई के उपयोग से जुड़ा है और RPSC RAS प्रश्नपत्र-III के लिए प्रासंगिक है।