जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने 12–13 जनवरी 2026 को भारत की ऐतिहासिक दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की — मई 2025 में पदभार ग्रहण करने के बाद यह किसी एशियाई देश की उनकी पहली यात्रा थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चांसलर मर्ज़ ने 12 जनवरी को अहमदाबाद में सीमित दायरे की और प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता की, जिसके बाद 19 समझौतों और 8 घोषणाओं सहित 27 अहम नतीजे सामने आए। प्रमुख बिंदु ये रहे: सह-विकास और सह-उत्पादन — पनडुब्बी उत्पादन सहयोग के सैद्धांतिक समझौते सहित — के लिए रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप; AIIA और जर्मनी की Charité University के बीच पारंपरिक चिकित्सा में MoU; लोथल के राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर और जर्मन समुद्री संग्रहालय (DSM), ब्रेमरहेवेन के बीच समुद्री विरासत MoU; AM Green और Uniper के बीच हरित अमोनिया समझौता; और खेल सहयोग पर JDoI। जर्मनी ने भारतीय पासपोर्टधारकों के लिए वीज़ा-मुक्त ट्रांजिट की घोषणा की। दोनों पक्षों ने ट्रैक 1.5 विदेश नीति व सुरक्षा संवाद तथा इंडो-पैसिफिक द्विपक्षीय वार्ता तंत्र स्थापित करने पर सहमति व्यक्त की। इस यात्रा से सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, उभरती प्रौद्योगिकियों, स्वास्थ्यकर्मियों की आवाजाही और नवीकरणीय ऊर्जा कौशल में सहयोग भी आगे बढ़ा।