केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 दिसंबर 2025 को बीमा अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे भारत के बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति मिल गई और मौजूदा 74% FDI सीमा हटा दी गई। यह कदम शांति विधेयक के साथ व्यापक उदारीकरण पैकेज का हिस्सा है। संशोधित FDI नीति के तहत एक विदेशी संस्था भारतीय बीमा कंपनी की 100% हिस्सेदारी रख सकती है, बशर्ते एक महत्वपूर्ण शर्त पूरी हो: अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक या मुख्य कार्यकारी अधिकारी में से कम से कम एक पद किसी भारतीय निवासी के पास होना चाहिए। भारत का बीमा क्षेत्र — जीवन, सामान्य और स्वास्थ्य बीमा — ऐतिहासिक रूप से कम कवरेज वाला रहा है। 2024-25 तक भारत में 57 पंजीकृत बीमा कंपनियाँ थीं। 100% FDI से बड़े वैश्विक बीमा समूहों (अलायंज, एएक्सए, प्रूडेंशियल, ज्यूरिख) के भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियाँ स्थापित करने की उम्मीद है, जो पूंजी, प्रौद्योगिकी और बेहतर जोखिम प्रबंधन उत्पाद लेकर आएंगी। IRDAI नई स्वामित्व व्यवस्था के अनुपालन की निगरानी करेगा।
मंत्रिमंडल ने बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी दी: भारतीय निवासी नेतृत्व की शर्त के साथ भारत ने बीमा उद्योग को पूर्ण विदेशी स्वामित्व के लिए खोला
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 दिसंबर 2025 को बीमा अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी, जिससे भारत के बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति मिल गई और मौजूदा 74% FDI सीमा हटा दी गई। यह कदम शांति विधेयक के साथ व्यापक उदारीकरण पैकेज का हिस्सा है। संशोधित FDI नीति के तहत कोई विदेशी संस्था भारतीय बीमा कंपनी की 100% हिस्सेदारी रख सकती है, बशर्ते एक महत्वपूर्ण शर्त पूरी हो: अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक या मुख्य कार्यकारी अधिकारी में से कम से कम एक पद किसी भारतीय निवासी के पास होना चाहिए। भारत का बीमा क्षेत्र — जीवन, सामान्य और स्वास्थ्य बीमा — ऐतिहासिक रूप से कम पहुँच वाला रहा है। 2024-25 तक भारत में 57 पंजीकृत बीमा कंपनियाँ थीं। 100% FDI से बड़े वैश्विक बीमा समूहों (अलायंज, एएक्सए, प्रूडेंशियल, ज्यूरिख) के भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियाँ स्थापित करने की उम्मीद है, जो पूंजी, प्रौद्योगिकी और बेहतर जोखिम प्रबंधन उत्पाद लेकर आएंगी। IRDAI नई स्वामित्व व्यवस्था के अनुपालन की निगरानी करेगा।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 12 दिसंबर 2025 को बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी दी और 74% सीमा हटाई।
- नई व्यवस्था में शीर्ष नेतृत्व में कम से कम एक पद भारतीय निवासी के पास होना अनिवार्य है।
- भारत में बीमा प्रसार GDP का लगभग 4% है जो वैश्विक औसत 7% से काफी कम है।
- भारत में 57 पंजीकृत बीमा कंपनियाँ थीं — 24 जीवन, 27 सामान्य और 6 स्वास्थ्य बीमाकर्ता।
- FDI सीमा क्रमश: 26% (2000) से 49% (2015) फिर 74% (2021) से अब 100% हुई।
- IRDAI नई स्वामित्व व्यवस्था के अनुपालन की निगरानी करेगा।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के बीमा क्षेत्र में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति के बाजार विकास और उपभोक्ता संरक्षण पर प्रभावों का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
12 दिसंबर 2025 को मंत्रिमंडल ने बीमा में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की मंजूरी दी और 74% सीमा हटाई। कम से कम एक शीर्ष नेतृत्व पद भारतीय निवासी के पास होना अनिवार्य है। 2024-25 तक 57 पंजीकृत बीमाकर्ता थे। सीमा 2000 में 26% से 2021 में 74% तक बढ़ी और पूर्ण उदारीकरण से वैश्विक बीमा कंपनियां आकर्षित होंगी।
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भारत के बीमा क्षेत्र में 100% तक FDI की अनुमति देने वाले 2025 के सुधार के बारे में कौन-सा कथन सही है?
PIB के अनुसार सबका बीमा, सबकी रक्षा संशोधन के तहत बीमा कंपनियों में 100% तक FDI की अनुमति दी गई। यह नीति केंद्रीय बजट 2025-26 में बीमा क्षेत्र की FDI सीमा 74% से बढ़ाकर 100% करने के प्रस्ताव पर आधारित है और इसका उद्देश्य क्षेत्र में अधिक पूंजी, तकनीक और प्रतिस्पर्धा लाना है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीमा क्षेत्र में 100% FDI कब मंजूर किया और क्या बदला?
12 दिसंबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बीमा क्षेत्र में 100% FDI को मंजूरी दी और 2021 में लागू 74% की सीमा हटा दी।
100% FDI की मंजूरी के साथ कौन-सी महत्वपूर्ण शर्त जोड़ी गई है?
अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक या मुख्य कार्यकारी अधिकारी में से कम से कम एक पद किसी भारतीय निवासी के पास होना अनिवार्य है, ताकि पूर्ण विदेशी स्वामित्व में भी भारतीय निगरानी बनी रहे।
भारत में बीमा क्षेत्र की FDI सीमा किस प्रकार बदलती रही है?
FDI सीमा क्रमश: 2000 में 26%, 2015 में 49%, 2021 में 74% और अब 2025 में 100% हो गई है — यह भारत के क्रमिक उदारीकरण को दर्शाता है।
भारत की बीमा प्रसार दर क्या है और वैश्विक स्तर पर इसकी स्थिति कैसी है?
भारत में बीमा प्रसार GDP का लगभग 4% है, जबकि वैश्विक औसत लगभग 7% है। यह अंतर FDI उदारीकरण के जरिए भरा जा सकता है।
नई 100% FDI व्यवस्था में अनुपालन की निगरानी कौन करेगा?
IRDAI यानी भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण सभी बीमा कंपनियों के लिए नई स्वामित्व व्यवस्था के अनुपालन की निगरानी करेगा।
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