26 सितंबर 2025 के राष्ट्रीय समसामयिकी अपडेट में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 'भारत में बच्चे 2025' का चौथा संस्करण जारी किया है। यह बच्चों से जुड़े स्वास्थ्य तथा शिक्षा संकेतकों को समझने के लिए उपयोगी है। एक प्रमुख स्वास्थ्य संकेतक शिशु मृत्यु दर है, जो 2011 में प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर 44 थी और 2023 में घटकर 25 हो गई। शिक्षा के मोर्चे पर ड्रॉपआउट दर 2022-23 में 13.8% से घटकर 2024-25 में 8.2% हुई। ऐसे डेटा-आधारित प्रश्नों में वर्ष, संकेतक और बदलाव की दिशा को साथ याद रखना चाहिए।

परीक्षा की दृष्टि से यह अपडेट केवल दो आंकड़ों को याद करने का विषय नहीं है। शिशु मृत्यु दर में कमी बाल स्वास्थ्य, पोषण, बाल कल्याण और साक्ष्य-आधारित नीतियों से जुड़ी बहसों में काम आती है। ड्रॉपआउट दर में गिरावट शिक्षा तक पहुंच, स्कूल में बच्चों को बनाए रखने और मानव पूंजी निर्माण से जुड़ा संकेत देती है। इसलिए RAS, UPSC और अन्य सूचीबद्ध परीक्षाओं में यह तथ्य प्रारंभिक परीक्षा के डेटा-आधारित प्रश्नों के साथ-साथ मुख्य परीक्षा के सामाजिक क्षेत्र, शासन और विकास संबंधी उत्तरों में इस्तेमाल हो सकता है।

स्टैटिक जीके लिंक के तौर पर अभ्यर्थी इसे जनसांख्यिकीय संकेतकों और शिक्षा संकेतकों के साथ पढ़ सकते हैं। शिशु मृत्यु दर प्रति 1,000 जीवित जन्मों पर शिशुओं की मृत्यु से जुड़ा संकेतक है, जबकि ड्रॉपआउट दर शिक्षा प्रणाली में बच्चों के टिके रहने की स्थिति बताती है। दोनों संकेतक मिलकर यह दिखाते हैं कि बच्चों की स्थिति को परखने के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा, दोनों क्षेत्रों के आंकड़े साथ पढ़ना जरूरी है।