प्रकाशित: 13 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतराजस्थान
PM ई-बस सेवा: जयपुर में AC इलेक्ट्रिक बसों का परीक्षण शुरू, राजस्थान के 9 शहरों में EV बेड़े की तैनाती जारी
फरवरी 2026 में जयपुर में केंद्र सरकार की PM ई-बस सेवा योजना के तहत नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल शुरू हुआ, जो राजस्थान में टिकाऊ शहरी परिवहन के लिए एक बड़ा कदम है। ट्रायल में शहर के प्रमुख मार्गों पर 9 मीटर और 12 मीटर, दोनों तरह की इलेक्ट्रिक बसें शामिल थीं, और जून 2026 तक इन्हें पूरी तरह वाणिज्यिक रूप से चलाने की योजना है।
जयपुर को पहली खेप में 150 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई हैं, जिन्हें चरणों में 300 से अधिक बसों तक बढ़ाने की योजना है। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के तहत PM ई-बस सेवा योजना में राजस्थान के 8 प्रमुख शहरों — जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, अलवर, बीकानेर, भीलवाड़ा और जोधपुर — में कुल 565 नौ मीटर और 110 बारह मीटर की पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती शामिल है। राष्ट्रीय स्तर पर, इस योजना के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर 20 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों के 116 शहरों में 10,000 ई-बसों को मंजूरी दी गई है।
0
6-अक्ष वर्गीकरण
कवरेजराजस्थानप्रकारयोजनाविषयआर्थिकपरीक्षाबेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · CET स्नातक · CET सीनियर सेकेंडरी · EO/RO · LDC · महिला पर्यवेक्षक · पटवार · PTI · RAS · REET · RPSC SI · स्कूल व्याख्याता · सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर · वरिष्ठ अध्यापक · UPSC · वनपाल · दोनोंस्रोतसमाचार स्रोत
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
जुड़ा प्रश्नआसान
PM ई-बस सेवा ने राजस्थान के किस शहर में AC इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू किया?
व्याख्या · सही उत्तर CPM ई-बस सेवा ट्रायल रन जयपुर में शुरू हुआ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
PM ई-बस सेवा क्या है और इसे कब शुरू किया गया?
PM ई-बस सेवा भारत के शहरों में 10,000 AC इलेक्ट्रिक बसें चलाने की केंद्र प्रायोजित योजना है। जयपुर ने फरवरी 2026 में इस योजना के तहत 150 बसों से ट्रायल शुरू किया, जिसे जून 2026 तक 300+ तक बढ़ाने की योजना है।
PM ई-बस सेवा के तहत राजस्थान के कौन से आठ शहर शामिल हैं और कितनी बसें आवंटित हैं?
राजस्थान के आठ शहरों — जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर, अलवर, बीकानेर, भीलवाड़ा और जोधपुर — के लिए 675 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत की गई हैं। यह राष्ट्रीय स्तर पर 10,000 ई-बसें शुरू करने की योजना का हिस्सा है।
PM ई-बस सेवा में किस PPP मॉडल का उपयोग किया जा रहा है?
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत निजी शहरी बस ऑपरेटर इलेक्ट्रिक बसें खरीदते हैं, उनका रखरखाव करते हैं और उन्हें चलाते हैं, जबकि सरकार व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) देती है। इससे सरकार का पूँजीगत खर्च कम होता है और निजी क्षेत्र की परिचालन कार्यकुशलता का फ़ायदा मिलता है।
PM ई-बस सेवा भारत के जलवायु और आवाजाही (मोबिलिटी) लक्ष्यों में कैसे योगदान देती है?
यह योजना राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी मिशन प्लान (NEMMP) के अनुरूप है। डीज़ल बसों की जगह शून्य उत्सर्जन वाली इलेक्ट्रिक बसें आने से शहरी वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन कम होता है। साथ ही, निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन अपनाने को बढ़ावा मिलता है।
राजस्थान के शहरी विकास के संदर्भ में PM ई-बस सेवा विशेष रूप से प्रासंगिक क्यों है?
राजस्थान के टियर-2 और टियर-3 शहरों में ऐतिहासिक रूप से पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन का अभाव रहा है। केवल जयपुर नहीं, बल्कि सभी आठ शहरों को शामिल करना समान शहरी परिवहन सुविधा की दिशा में एक कदम है। RAS के लिए यह सतत शहरी विकास, स्मार्ट सिटी और राजस्थान की EV नीति से जुड़ता है।