UNDP और ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (OPHI) ने 17 अक्टूबर 2025 को वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) 2025, 'आपस में जुड़ी कठिनाइयाँ: गरीबी और जलवायु जोखिम' शीर्षक से जारी किया। भारत की बहुआयामी गरीबी दर 55.1% (2005–06) से घटकर 16.4% (2019–21) हो गई, जिससे 15 वर्षों में लगभग 41.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। उस अवधि में वैश्विक स्तर पर यह गरीबी में सबसे बड़ी कमी थी। भारत का MPI मान 0.069 है। लेकिन भारत के 80% से अधिक गरीब ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं, जहाँ अत्यधिक गर्मी, बाढ़ और वायु प्रदूषण जैसे जलवायु जोखिम हैं। केरल को 1 नवंबर 2025 को अत्यंत गरीबी से मुक्त पहला भारतीय राज्य घोषित किया गया।
वैश्विक MPI 2025: भारत ने 15 वर्षों में 41.5 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला, किंतु जलवायु और गरीबी का मेल गंभीर चुनौती
UNDP और ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (OPHI) ने 17 अक्टूबर 2025 को वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) 2025 — 'ओवरलैपिंग हार्डशिप्स: पॉवर्टी एंड क्लाइमेट हैज़ार्ड्स' शीर्षक से — जारी किया। भारत की बहुआयामी गरीबी दर 55.1% (2005–06) से घटकर 16.4% (2019–21) हो गई, जिससे 15 वर्षों में लगभग 41.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए — उस अवधि में वैश्विक स्तर पर गरीबी में कमी का यह सबसे बड़ा मामला है। भारत का MPI मान 0.069 है। किंतु भारत के 80% से अधिक गरीब अत्यधिक गर्मी, बाढ़ और वायु प्रदूषण जैसे जलवायु संबंधी खतरों वाले क्षेत्रों में रहते हैं। केरल को 1 नवंबर 2025 को अत्यंत गरीबी से मुक्त पहला भारतीय राज्य घोषित किया गया।
मुख्य तथ्य
- भारत ने बहुआयामी गरीबी 55.1% (2005-06) से 16.4% (2019-21) तक घटाकर 41.5 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला।
- 2025 का वैश्विक MPI 17 अक्टूबर 2025 को UNDP और OPHI ने जारी किया।
- भारत का MPI मान 0.069 है — 15 वर्षों में विश्व में गरीबी में सबसे बड़ी कमी।
- भारत के 80% से अधिक गरीब अत्यधिक गर्मी, बाढ़ और प्रदूषण जैसे जलवायु संबंधी खतरों से ग्रस्त क्षेत्रों में रहते हैं।
- केरल नवंबर 2025 तक अत्यंत गरीबी से मुक्त पहला भारतीय राज्य बनने की राह पर है।
- रिपोर्ट का शीर्षक 'ओवरलैपिंग हार्डशिप्स: पॉवर्टी एंड क्लाइमेट हैज़ार्ड्स' है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्रोत: UNDP / OPHI
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) क्या है और इसे कौन जारी करता है?
वैश्विक MPI एक मिश्रित सूचकांक है जो स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन-स्तर — तीन आयामों में दस संकेतकों के ज़रिये गरीबी को मापता है। इसे UNDP और ऑक्सफोर्ड पॉवर्टी एंड ह्यूमन डेवलपमेंट इनिशिएटिव (OPHI) संयुक्त रूप से जारी करते हैं।
2005–06 से 2019–21 के बीच भारत ने अपनी बहुआयामी गरीबी दर में कितनी कमी की?
भारत ने बहुआयामी गरीबी दर 55.1% (2005–06) से घटाकर 16.4% (2019–21) कर दी, जिससे लगभग 41.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए। यह उस 15 वर्ष की अवधि में विश्व में गरीबी में सबसे बड़ी कमी है। भारत का MPI मान अब 0.069 है।
वैश्विक MPI 2025 रिपोर्ट का विषय क्या है?
2025 की रिपोर्ट का शीर्षक 'ओवरलैपिंग हार्डशिप्स: पॉवर्टी एंड क्लाइमेट हैज़ार्ड्स' है। इसमें उन गरीब लोगों के दोहरे बोझ को रेखांकित किया गया है, जो एक साथ बहुआयामी गरीबी और अत्यधिक गर्मी, बाढ़ तथा वायु प्रदूषण जैसे जलवायु संबंधी खतरों का सामना कर रहे हैं।
MPI 2025 में बताए गए जलवायु और गरीबी के संबंध का भारत के लिए क्या महत्त्व है?
भारत के 80% से अधिक बहुआयामी गरीब लोग जलवायु संबंधी खतरों — अत्यधिक गर्मी, बाढ़ और गंभीर वायु प्रदूषण — से प्रभावित क्षेत्रों में रहते हैं। इसका मतलब है कि गरीबी उन्मूलन की कोशिशों को जलवायु अनुकूलन रणनीतियों के साथ जोड़ना ज़रूरी है, वरना जलवायु से जुड़े झटके कठिन परिश्रम से हासिल उपलब्धियों को मिटा सकते हैं।
कौन सा भारतीय राज्य अत्यंत गरीबी से मुक्त होने की राह पर है और RAS परीक्षा के लिए इसका क्या महत्त्व है?
केरल को 1 नवंबर 2025 को अत्यंत गरीबी से मुक्त पहला भारतीय राज्य घोषित किया गया। RAS के लिए यह मज़बूत HDI निवेश, प्रभावी PDS और सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के परिणामों को दर्शाता है — ऐसे मॉडल जो नीति-प्रश्नों में अक्सर परखे जाते हैं।
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