भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस ने 4 जनवरी 2026 को अपनी पहली उड़ान के 25 वर्ष पूरे किए। तेजस ने 4 जनवरी 2001 को बेंगलुरु के येलहंका वायुसेना अड्डे से पहली उड़ान भरी थी। 25 वर्षों में तेजस तकनीकी प्रदर्शन विमान से परिचालन युद्धक विमान बन गया — अब यह तमिलनाडु के सुलूर वायु सेना स्टेशन पर 45वें स्क्वाड्रन और 18वें स्क्वाड्रन में तैनात है। HAL को भारतीय वायु सेना को 97 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमान देने के लिए ₹62,370 करोड़ का अनुबंध मिला है। Mk-1A वेरिएंट में AESA रडार, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली (EW), बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल और फ्लाई-बाय-वायर उड़ान नियंत्रण प्रणाली है। यह भारतीय इतिहास में सबसे बड़े स्वदेशी रक्षा खरीद ऑर्डरों में से एक है। तेजस डेल्टा-विंग, एकल-इंजन, बहु-भूमिका युद्धक विमान है और 97 विमान वाले एमके-1ए अनुबंध में 64% से अधिक स्वदेशी सामग्री है। 1984 में शुरू हुए कार्यक्रम ने 2013 में IOC और 2019 में FOC प्राप्त किया।
तेजस LCA की पहली उड़ान के 25 वर्ष पूरे: HAL को 97 Mk-1A जेट के लिए ₹62,370 करोड़ का ऑर्डर
तेजस LCA ने 4 जनवरी 2001 की पहली उड़ान के 25 वर्ष पूरे किए। HAL को 97 Mk-1A जेट के लिए ₹62,370 करोड़ का ऑर्डर मिला है; इन जेट में AESA रडार, BVR मिसाइल और EW सूट है।
मुख्य तथ्य
- तेजस LCA की पहली उड़ान 4 जनवरी 2001 को बेंगलुरु के येलहंका एयर बेस से हुई थी; इसके 25 वर्ष पूरे हो गए।
- HAL ने वायु सेना को 97 तेजस Mk-1A लड़ाकू विमान देने के लिए ₹62,370 करोड़ का अनुबंध हासिल किया।
- Mk-1A में AESA रडार, उन्नत EW प्रणाली, BVR मिसाइल और फ्लाई-बाय-वायर उड़ान नियंत्रण है।
- तेजस तमिलनाडु के सुलूर में 45वें स्क्वाड्रन (फ्लाइंग डैगर्स) और 18वें स्क्वाड्रन (फ्लाइंग बुलेट्स) में तैनात है।
- 1984 में कार्यक्रम शुरू हुआ; 2013 में IOC और 2019 में FOC मिला — पूर्ण परिचालन स्थिति तक 40 साल की यात्रा।
- तेजस में लगभग 60% स्वदेशी सामग्री है; यह रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक है।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2021 भारत में आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत उद्योग एवं अवसंरचना से सम्बन्धित प्रमुख उपाय क्या हैं? — यह प्रश्न आत्मनिर्भर भारत की औद्योगिक पहलों से संबंधित है; तेजस एमके-1ए इसी नीति के तहत स्वदेशी रक्षा विनिर्माण की प्रमुख सफलता है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता में 97 तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमानों के लिए 62,370 करोड़ रुपये के अनुबंध के महत्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
तेजस एमके-1ए अनुबंध भारत का सबसे बड़ा स्वदेशी रक्षा खरीद आदेश है, जो एईएसए रडार, बीवीआर प्रक्षेपास्त्र और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं से युक्त है। 64 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री और उत्पादन में लगभग 105 भारतीय कंपनियों की भागीदारी के साथ यह कार्यक्रम आयात निर्भरता घटाकर घरेलू एयरोस्पेस विनिर्माण आधार को सुदृढ़ करता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
तेजस LCA ने पहली उड़ान कब और कहां भरी?
**तेजस LCA** ने **4 जनवरी 2001** को **बेंगलुरु के येलहंका एयर बेस** से पहली उड़ान भरी। जनवरी 2026 में इस ऐतिहासिक घटना के **25 वर्ष** पूरे हुए। कार्यक्रम **1984** में ADA द्वारा शुरू हुआ; 2013 में IOC और 2019 में FOC प्राप्त हुआ।
HAL के तेजस Mk-1A अनुबंध की राशि और दायरा क्या है?
HAL ने वायु सेना को **97 तेजस Mk-1A** लड़ाकू विमान देने के लिए **₹62,370 करोड़** का अनुबंध हासिल किया। यह भारतीय इतिहास के **सबसे बड़े स्वदेशी रक्षा खरीद ऑर्डरों** में से एक है।
तेजस Mk-1A में Mk-1 की तुलना में क्या प्रमुख तकनीकी सुधार हैं?
**तेजस Mk-1A** के प्रमुख सुधार ये हैं: (1) **AESA रडार** — लंबी दूरी और बहु-लक्ष्य ट्रैकिंग; (2) **उन्नत EW सूट** — जैमिंग और इलेक्ट्रॉनिक हमला क्षमता; (3) **BVR मिसाइल** — लंबी दूरी से हवाई मुकाबला; (4) **फ्लाई-बाय-वायर** उड़ान नियंत्रण। आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी सामग्री भी बढ़ाई गई।
तेजस वर्तमान में किन IAF स्क्वाड्रनों में तैनात है?
तेजस LCA तमिलनाडु के **सुलूर वायु सेना स्टेशन** पर **45वें स्क्वाड्रन (फ्लाइंग डैगर्स)** और **18वें स्क्वाड्रन (फ्लाइंग बुलेट्स)** में परिचालन में है।
तेजस का आत्मनिर्भर भारत रक्षा नीति में क्या महत्व है?
तेजस भारत के **स्वदेशी लड़ाकू विमान विकास** में सबसे महत्वाकांक्षी उपक्रम है। **64% से अधिक स्वदेशी सामग्री** के साथ ₹62,370 करोड़ का ऑर्डर दर्शाता है कि भारत खुद युद्धक विमान डिजाइन और उत्पादन कर सकता है। इससे विदेशी लड़ाकू विमानों के आयात पर निर्भरता घटती है और घरेलू एयरोस्पेस उद्योग का पारितंत्र बनता है।
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