राजस्थान सरकार ने 8 नवंबर 2025 को राजस्थान टाउनशिप नीति 2024 को कैबिनेट की मंजूरी दी। यह नीति राज्य भर में एकीकृत टाउनशिप के विकास के लिए व्यापक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) ढाँचा तय करती है। इसे राजस्थान के बढ़ते शहरों में तेजी से फैल रहे अनियोजित शहरीकरण, आवास की कमी और नियोजित बुनियादी ढाँचे की अनुपस्थिति को दूर करने के लिए बनाया गया है।

नीति के तहत निजी डेवलपर्स सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर आम तौर पर 100 एकड़ से अधिक के बड़े भूखंडों पर आत्मनिर्भर टाउनशिप विकसित कर सकते हैं। इन टाउनशिप में सड़कें, जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली, विद्यालय, अस्पताल और हरित क्षेत्र जैसी आवश्यक सुविधाएँ निर्धारित मानदंडों के अनुसार उपलब्ध करानी होंगी। पीपीपी मॉडल में जिम्मेदारियों का बँटवारा है: राज्य नियामक अनुमोदन और कनेक्टिविटी देता है, जबकि निजी संस्थाएँ आंतरिक विकास में निवेश करती हैं।

नीति का एक महत्वपूर्ण सामाजिक प्रावधान किफायती आवास से जुड़ा है। डेवलपर्स को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न-आय वर्ग (LIG) के लिए नियंत्रित कीमतों पर आवासीय इकाइयों का एक निश्चित प्रतिशत (सामान्यतः 15-20%) आरक्षित करना होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियोजित टाउनशिप समावेशी रहें।

नीति में प्रमुख गलियारों के साथ ट्रांजिट-उन्मुख विकास के प्रावधान भी हैं, जिनसे आवासीय, वाणिज्यिक और संस्थागत उपयोगों के मिश्रित भू-उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। नगरीय विकास एवं आवास (UDH) विभाग इस नीति के क्रियान्वयन के लिए नोडल एजेंसी होगा। उम्मीद है कि यह नीति अगले एक दशक में निजी निवेश को आकर्षित करेगी और रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर सृजित करेगी।

RAS अभ्यर्थियों के लिए यह नीति राजस्थान के शहरी शासन, आवास और आर्थिक विकास के विषयों के अंतर्गत महत्वपूर्ण है।