राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले की बमनवास कांकर पंचायत राज्य में पूर्णतः जैविक प्रमाणित होने वाली पहली ग्राम पंचायत बन गई है — रसायन-मुक्त और टिकाऊ कृषि की ओर भारत में हो रहे बदलाव में यह एक महत्वपूर्ण जमीनी उपलब्धि है। सात ढाणियों से मिलकर बनी इस पंचायत ने 100% जैविक खेती और पर्यावरण-अनुकूल पशुपालन की औपचारिक प्रतिबद्धता ली है। पंचायत ने अपने क्षेत्र में कृषि और पशुधन से जुड़ी सभी गतिविधियों से रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और कृत्रिम कृषि आदानों को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। जैविक प्रमाणन में वर्मीकम्पोस्टिंग और जैव-उर्वरकों से मिट्टी की सेहत सुधारना, सूक्ष्म-सिंचाई से जल संरक्षण और एक ही फसल पर निर्भरता घटाने के लिए फसल विविधीकरण शामिल है। यह उपलब्धि केंद्र सरकार की परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) और PM प्रणाम योजना के अनुरूप है। जैविक प्रमाणन से पंचायत के किसानों के लिए बेहतर दाम वाले बाजारों तक पहुँच खुलने और आय बढ़ने की उम्मीद है।