भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 1 नवंबर 2025 को गुजरात के GIFT सिटी स्थित इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) पर स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट (SCC) के रूप में अपना पहला स्वर्ण लेनदेन सम्पन्न किया। SCC श्रेणी के तहत बैंक ट्रेडिंग सदस्य के रूप में पंजीकरण कराए बिना बुलियन ट्रेडिंग में सीधे भाग ले सकते हैं, जिससे सोने की खरीद और मूल्य-निर्धारण की प्रक्रिया में सुधार होता है। SBI 2024 में IIBX पर ट्रेडिंग कम क्लियरिंग मेंबर (TCM) बनने वाला पहला बैंक था। इस कदम का उद्देश्य सोने के आयात की प्रक्रियाओं को सरल बनाना, मूल्य पारदर्शिता बढ़ाना और आभूषण निर्यातकों तथा MSME जौहरियों को बाजार तक बेहतर पहुँच देना है।
SBI ने GIFT सिटी स्थित इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) में स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट के रूप में पहली बार सोने का कारोबार किया
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 1 नवंबर 2025 को गुजरात के GIFT सिटी स्थित इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) पर स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट (SCC) के रूप में अपना पहला सोना लेनदेन सम्पन्न किया। SCC श्रेणी के तहत बैंक ट्रेडिंग सदस्य के रूप में पंजीकरण किए बिना बुलियन ट्रेडिंग में सीधे भाग ले सकते हैं, जिससे सोने की खरीद और मूल्य खोज की प्रक्रिया बेहतर होती है। SBI 2024 में IIBX पर ट्रेडिंग कम क्लियरिंग मेंबर (TCM) बनने वाला पहला बैंक था। इस कदम का उद्देश्य सोने के आयात की प्रक्रिया को सरल बनाना, कीमतों में पारदर्शिता बढ़ाना और आभूषण निर्यातकों तथा MSME जौहरियों को बाजार तक बेहतर पहुँच देना है।
मुख्य तथ्य
- SBI ने 1 नवंबर 2025 को GIFT सिटी स्थित IIBX पर स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट के रूप में सोने का पहला कारोबार किया।
- SCC श्रेणी में बैंक ट्रेडिंग सदस्य के रूप में पंजीकरण कराए बिना सीधे बुलियन कारोबार कर सकते हैं।
- SBI 2024 में IIBX पर ट्रेडिंग कम क्लियरिंग मेंबर बनने वाला पहला बैंक था।
- यह कदम सोने के आयात की प्रक्रियाओं को सरल बनाता है और जौहरियों के लिए कीमतों में पारदर्शिता बढ़ाता है।
- GIFT सिटी, गुजरात भारत की पहली परिचालन ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी और IFSC है।
- IIBX भारत के बुलियन बाजार सुधारों का प्रमुख घटक है, जिससे कीमत तय होने की प्रक्रिया बेहतर होती है।
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भारतीय स्टेट बैंक ने 1 नवंबर 2025 को इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (आईआईबीएक्स) पर किस श्रेणी के तहत सोने का अपना पहला लेनदेन किया?
विशेष श्रेणी ग्राहक की व्यवस्था में बैंक ट्रेडिंग सदस्य के रूप में पंजीकरण किए बिना सीधे सर्राफा व्यापार में भाग ले सकते हैं। एसबीआई ने 1 नवंबर 2025 को अपना पहला ऐसा स्वर्ण व्यापार किया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) क्या है और यह कहाँ स्थित है?
इंडिया इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (IIBX) भारत का समर्पित अंतर्राष्ट्रीय बुलियन (सोना-चांदी) कारोबार एक्सचेंज है, जो गुजरात के GIFT सिटी — भारत के पहले परिचालन ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) — में स्थित है। IIBX को पारदर्शी, विनियमित बुलियन कारोबार प्लेटफ़ॉर्म बनाने, कीमत तय होने की प्रक्रिया बेहतर करने और सोने के आयात को सरल बनाने के लिए स्थापित किया गया।
IIBX पर स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट (SCC) ढाँचा क्या है और बैंकों को इससे क्या फायदा होता है?
IIBX के SCC ढाँचे के तहत बैंक जैसे पात्र संस्थान ट्रेडिंग सदस्य के रूप में पंजीकरण किए बिना सीधे बुलियन कारोबार में भाग ले सकते हैं। इससे अनुपालन बोझ, पंजीकरण लागत और परिचालन जटिलता काफी कम होती है। SCC के रूप में बैंक अपने ग्राहकों की ओर से सोने या चांदी के आयात के लिए IIBX की ट्रेडिंग प्रणाली का सीधे उपयोग कर सकते हैं।
1 नवंबर 2025 को SBI ने IIBX पर क्या उपलब्धि हासिल की और इससे पहले इसकी क्या विशेष पहचान थी?
1 नवंबर 2025 को SBI ने GIFT सिटी स्थित IIBX पर स्पेशल कैटेगरी क्लाइंट (SCC) के रूप में सोने का अपना पहला लेनदेन किया — और SCC ढाँचे के तहत लेनदेन करने वाले पहले बैंकों में से एक बन गया। इससे पहले 2024 में SBI IIBX पर ट्रेडिंग कम क्लियरिंग मेंबर (TCM) बनने वाला पहला बैंक था, जिससे उसे एक्सचेंज पर सीधे बुलियन लेनदेन करने और उन्हें क्लियर करने की क्षमता मिली।
GIFT सिटी क्या है और भारत के वित्तीय क्षेत्र के लिए इसका क्या महत्व है?
GIFT सिटी (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी), गांधीनगर, गुजरात में स्थित भारत की पहली परिचालन ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी और IFSC है। यह अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) के विशेष नियामक ढाँचे के तहत काम करती है। यहाँ अंतर्राष्ट्रीय एक्सचेंज (NSE IFSC, BSE IFSC, IIBX), वैश्विक बैंकिंग, बीमा और पूंजी बाजार से जुड़ी गतिविधियाँ होती हैं, जिससे भारत सिंगापुर और दुबई जैसे केंद्रों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी ऑफशोर वित्तीय केंद्र के रूप में मजबूत होता है।
IIBX में SBI की भागीदारी से जौहरियों और भारत में सोने की कीमत तय होने की प्रक्रिया पर क्या असर पड़ता है?
TCM और SCC दोनों रूपों में IIBX पर SBI की सीधी भागीदारी से बैंक अनौपचारिक द्विपक्षीय व्यवस्थाओं के बजाय विनियमित और पारदर्शी एक्सचेंज तंत्र से सोना प्राप्त कर सकते हैं। इससे एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर माँग और आपूर्ति आती है, कीमत तय होने की प्रक्रिया बेहतर होती है और बैंक जौहरियों को बेहतर दर दे पाते हैं। जौहरियों को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर सोना मिलता है तथा ग्रे-मार्केट से होने वाले आयात पर निर्भरता घटती है।
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