सेना स्पेक्टेबिलिस, उष्णकटिबंधीय दक्षिण अमेरिका का तेजी से बढ़ने वाला दलहनी वृक्ष, भारत के वन पारिस्थितिक तंत्र के लिए सबसे गंभीर आक्रामक प्रजातियों में से एक बन गया है। इसे पहले बागानों और सजावट के लिए लाया गया था, लेकिन अब यह लगाए गए क्षेत्रों से बाहर निकलकर जैव विविधता से समृद्ध इलाकों में आक्रामक रूप से फैल रहा है। इनमें पश्चिमी घाट — एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और विश्व के आठ सबसे महत्वपूर्ण जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक — और मध्य भारतीय वन परिदृश्य शामिल हैं। यह प्रजाति एक ही प्रजाति के घने झुरमुट बना देती है, जिससे देशी निचली वनस्पतियां छाया में दब जाती हैं, मिट्टी के पोषक चक्र में बाधा आती है और वन-निर्भर जीवों के आवास नष्ट होते हैं। कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के पारिस्थितिकीविदों ने पिछले एक दशक में इसके तेजी से फैलाव को दर्ज किया है। संरक्षणवादियों ने चेतावनी दी है कि सक्रिय प्रबंधन के बिना सेना स्पेक्टेबिलिस प्रभावित वनों की प्रजाति संरचना को मूल रूप से बदल सकता है। जैव विविधता अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आक्रामक प्रजातियों के लिए मजबूत नियमन की जरूरत है।
सेना स्पेक्टेबिलिस: भारतीय वनों की जैव विविधता को खतरे में डालने वाला आक्रामक प्रजाति का वृक्ष
सेना स्पेक्टेबिलिस दक्षिण अमेरिका मूल का एक आक्रामक वृक्ष है, जो पश्चिमी घाट के वायनाड क्षेत्र में तेजी से फैल रहा है। यह देशी वनस्पतियों को विस्थापित कर रहा है और जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों के लिए गंभीर खतरा बन रहा है।
मुख्य तथ्य
- सेना स्पेक्टेबिलिस दक्षिण अमेरिका का एक आक्रामक वृक्ष है, जो अब पश्चिमी घाट के वायनाड क्षेत्र में तेजी से फैल रहा है।
- यह एक ही प्रजाति के घने झुरमुट बना देता है, जिससे देशी वनस्पतियाँ दब जाती हैं, मिट्टी का पोषक चक्र बाधित होता है और वन्यजीवों के आवास नष्ट होते हैं।
- पश्चिमी घाट, जहाँ यह फैल रहा है, एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और विश्व के आठ जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है।
- कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के वन विभागों ने पिछले दशक में इसके विस्तार का दस्तावेजीकरण किया है।
- विशेषज्ञ जैव विविधता अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आक्रामक प्रजातियों के लिए मजबूत नियमन की मांग कर रहे हैं।
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स्रोत: Down to Earth
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सेना स्पेक्टेबिलिस क्या है और यह कहां से आया है?
सेना स्पेक्टेबिलिस उष्णकटिबंधीय दक्षिण अमेरिका का तेजी से बढ़ने वाला फलीदार वृक्ष है। इसे भारत में बागानों में लगाने वाली प्रजाति के रूप में लाया गया था, लेकिन अब यह आक्रामक हो गया है।
सेना स्पेक्टेबिलिस के फैलाव से भारत के कौन से क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हैं?
पश्चिमी घाट (कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र) और मध्य भारतीय वन (मध्य प्रदेश) सबसे गंभीर रूप से प्रभावित हैं।
जैव विविधता के लिए पश्चिमी घाट क्यों महत्वपूर्ण है?
पश्चिमी घाट एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल और विश्व के आठ सबसे महत्वपूर्ण जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है।
सेना स्पेक्टेबिलिस को नियंत्रित करने के लिए कौन से उपाय अपनाए जा सकते हैं?
पेड़ों को यांत्रिक तरीके से हटाने, शाकनाशियों के इस्तेमाल और जैविक नियंत्रण पर चर्चा हो रही है, लेकिन अभी तक कोई राष्ट्रीय समन्वित कार्यक्रम नहीं है।
भारत में आक्रामक प्रजातियों के खतरों से निपटने के लिए कौन से कानून उपयोग किए जा सकते हैं?
जैव विविधता अधिनियम और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम प्रमुख कानूनी आधार हैं, हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा प्रावधान पर्याप्त नहीं हैं।
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