प्रकाशित: 21 जनवरी 2026अर्थव्यवस्था
नीति आयोग ने एमएसएमई के हरित संक्रमण के लिए 10 वर्षीय रोडमैप जारी किया
नीति आयोग ने 21 जनवरी 2026 को सीमेंट, एल्युमीनियम और एमएसएमई क्षेत्रों के लिए कार्बन उत्सर्जन घटाने के रोडमैप पर तीन रिपोर्ट जारी कीं। एमएसएमई के हरित बदलाव का रोडमैप तीन प्रमुख उपायों पर केंद्रित है: ऊर्जा-कुशल उपकरण लगाना, वैकल्पिक ईंधन अपनाना और हरित बिजली को शामिल करना।
भारत का एमएसएमई क्षेत्र राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में लगभग 30% योगदान देता है, 25 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देता है और लगभग 46% निर्यात में हिस्सेदारी रखता है। आधिकारिक विज्ञप्ति इस रोडमैप को विकसित भारत 2047 और 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य की दिशा में रखती है, न कि बड़े एमएसएमई के लिए 2035 तक नेट-जीरो संचालन के लक्ष्य के रूप में। रिपोर्ट में अधिक शुरुआती लागत, हरित वित्त तक सीमित पहुंच और तकनीकी कमी जैसी प्रमुख बाधाओं की पहचान की गई है तथा ऊर्जा ऑडिट से शुरू कर दक्षता उन्नयन की ओर बढ़ने का चरणबद्ध दृष्टिकोण सुझाया गया है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नीति आयोग की एमएसएमई के हरित संक्रमण के लिए 10-वर्षीय रोडमैप क्या है?
**नीति आयोग** ने **21 जनवरी 2026** को सीमेंट और एल्युमीनियम के रोडमैप के साथ **एमएसएमई के हरित संक्रमण का रोडमैप** जारी किया। एमएसएमई रोडमैप तीन उपायों पर केंद्रित है: **ऊर्जा-कुशल उपकरण**, **वैकल्पिक ईंधन** और **हरित बिजली**। PIB के अनुसार एमएसएमई राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में लगभग **30%** योगदान देते हैं, **25 करोड़** से अधिक लोगों को रोजगार देते हैं और निर्यात में लगभग **46%** हिस्सेदारी रखते हैं।
भारत के जलवायु लक्ष्यों के लिए एमएसएमई का हरित संक्रमण क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत का **एमएसएमई क्षेत्र** औद्योगिक ऊर्जा खपत का लगभग **45%** हिस्सा लेता है और ग्रीनहाउस गैसों का भी बड़ा उत्सर्जन करता है। एमएसएमई को हरित बनाना भारत के **एनडीसी** लक्ष्यों — 2030 तक उत्सर्जन तीव्रता में 45% कमी — और **2070 तक नेट-जीरो** लक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
नीति आयोग का रोडमैप एमएसएमई के लिए हरित वित्तपोषण के कौन से तंत्र प्रस्तावित करता है?
**नीति आयोग के रोडमैप** में **हरित क्रेडिट कार्यक्रम**, **सिडबी ग्रीन फाइनेंस** विंडो, **मिश्रित वित्त** उपकरण, **ईएसजी से जुड़े ऋण**, स्वैच्छिक बाजारों के ज़रिए एमएसएमई के लिए **कार्बन क्रेडिट** कारोबार, और ऊर्जा दक्षता उपकरण अपनाने के लिए **प्रदर्शन से जुड़ी सब्सिडी** शामिल हैं।
भारत में एमएसएमई के हरित संक्रमण में वृत्ताकार अर्थव्यवस्था की क्या भूमिका है?
एमएसएमई के लिए **वृत्ताकार अर्थव्यवस्था** दृष्टिकोण में **कचरे को संसाधन में बदलना**, **विस्तारित उत्पादक जिम्मेदारी** का अनुपालन, **पुनर्निर्माण** व्यवसाय, और ऊर्जा के लिए **बायोमास और कृषि अपशिष्ट** का उपयोग शामिल है। रोडमैप 2035 तक एमएसएमई क्लस्टरों को वृत्ताकार अर्थव्यवस्था केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना करता है।
भारत का हरित एमएसएमई रोडमैप वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की सततता संबंधी आवश्यकताओं से कैसे जुड़ता है?
वैश्विक खरीदार अब **आपूर्ति श्रृंखला में सततता संबंधी अनुपालन** की मांग तेज़ी से कर रहे हैं — जैसे यूरोपीय संघ का **कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज़म (सीबीएएम)** और **ईएसजी संबंधी उचित जांच-परख** कानून। भारत के एमएसएमई कुल निर्यात का **45%** करते हैं, इसलिए उन्हें इन मानकों को पूरा करना होगा। **नीति आयोग का रोडमैप** एमएसएमई को 2026 के बाद अनिवार्य होने वाली अंतर्राष्ट्रीय सततता आवश्यकताओं से पहले बदलाव की तैयारी में मदद करता है।