प्रकाशित: 28 जनवरी 2026टॉपिक
MMDR अधिनियम के तहत कोकिंग कोल महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज के रूप में अधिसूचित
भारत सरकार ने 29 जनवरी 2026 को कोकिंग कोल को खान और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1957 के तहत महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज के रूप में अधिसूचित किया। कोकिंग कोल इस्पात उद्योग के लिए मुख्य कच्चा माल है, क्योंकि ब्लास्ट फर्नेस रूट में इससे बनने वाला कोक ईंधन और अपचायक दोनों की भूमिका निभाता है। इसलिए यह निर्णय केवल खनन नीति का बदलाव नहीं है, बल्कि भारत की औद्योगिक सुरक्षा, आयात निर्भरता और इस्पात क्षेत्र की लागत से जुड़ा हुआ विषय है।
भारत के पास लगभग 37.37 अरब टन कोकिंग कोल संसाधन हैं, फिर भी इस्पात क्षेत्र की करीब 95% आवश्यकता आयात से पूरी होती है। इससे विदेशी मुद्रा का बड़ा बहिर्वाह होता है और इस्पात उद्योग बाहरी आपूर्ति पर निर्भर रहता है। अधिसूचना के बाद कोकिंग कोल को महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की सूची में रखा गया है, जिससे खोज, अनुमोदन और खनन गतिविधियों को प्राथमिकता देने का रास्ता मजबूत होता है। यह नीति-अपडेट छोटे तथ्य और बड़े आर्थिक तर्क, दोनों को साथ पढ़ने का अच्छा उदाहरण है।
परीक्षा की दृष्टि से यह विषय अर्थव्यवस्था, खनिज संसाधन, औद्योगिक नीति और आत्मनिर्भर भारत से जुड़ता है। प्रारंभिक परीक्षा में अधिनियम, खनिज का दर्जा, 37.37 अरब टन संसाधन और 95% आयात निर्भरता जैसे तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसे घरेलू विनिर्माण, इस्पात क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला, विदेशी मुद्रा बचत और रणनीतिक खनिज सुरक्षा के उदाहरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। स्टैटिक जीके में कोकिंग कोल और नॉन-कोकिंग कोल का अंतर, इस्पात उत्पादन में कोक की भूमिका और खनिज प्रशासन से जुड़े प्रावधानों से इसका सीधा संबंध बनता है।
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6-अक्ष वर्गीकरण
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कोकिंग कोल को महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज क्यों अधिसूचित किया गया?
भारत में लगभग 37.37 अरब टन कोकिंग कोल संसाधन होने के बावजूद इस्पात क्षेत्र की लगभग 95% आवश्यकता आयात से पूरी होती है। इस आयात निर्भरता से विदेशी मुद्रा का बहिर्वाह होता है और इस्पात क्षेत्र की आपूर्ति सुरक्षा प्रभावित होती है।
यह अधिसूचना किस कानून से जुड़ी है?
यह अधिसूचना खान और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1957 से जुड़ी है। इसी कानून के तहत कोकिंग कोल को महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज के रूप में शामिल किया गया।
कोकिंग कोल इस्पात उद्योग के लिए क्यों जरूरी है?
कोकिंग कोल से कोक बनाया जाता है, जो ब्लास्ट फर्नेस रूट में ईंधन और अपचायक दोनों का काम करता है। इसलिए उच्च गुणवत्ता वाले इस्पात उत्पादन में इसकी अहम भूमिका है।
इस निर्णय का अर्थव्यवस्था से क्या संबंध है?
इस निर्णय का लक्ष्य घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग, आयात निर्भरता घटाने, विदेशी मुद्रा बचाने और इस्पात क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने से जुड़ा है।
प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए कौन से तथ्य महत्वपूर्ण हैं?
प्रारंभिक परीक्षा के लिए अधिनियम, 37.37 अरब टन संसाधन और 95% आयात निर्भरता महत्वपूर्ण हैं। मुख्य परीक्षा में इसे आत्मनिर्भर भारत, खनिज सुरक्षा और इस्पात उद्योग की आपूर्ति श्रृंखला के उदाहरण के रूप में लिखा जा सकता है।