30 जनवरी 2026 को महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर पूरे भारत में शहीद दिवस मनाया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने नई दिल्ली के राजघाट — राष्ट्रपिता के स्मारक — पर श्रद्धांजलि अर्पित की। सुबह 11 बजे देशभर में दो मिनट का मौन रखा गया। महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के बिड़ला हाउस (अब गांधी स्मृति) में नाथूराम गोडसे द्वारा हत्या की गई थी। 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर (वर्तमान गुजरात) में जन्मे गांधी का अहिंसा और सत्याग्रह का दर्शन विश्व भर में प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। राजस्थान का गांधी की विरासत से गहरा नाता है — सेवाग्राम आश्रम मॉडल ने राजस्थान के ग्रामीण विकास को प्रभावित किया। यह दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे अन्य राष्ट्रीय शहीदों को भी श्रद्धांजलि देने का अवसर है।
शहीद दिवस 2026: राष्ट्र ने महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी; PM मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू ने राज घाट पर पुष्पांजलि अर्पित की
30 जनवरी 2026 को महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर पूरे भारत में शहीद दिवस मनाया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने नई दिल्ली के राजघाट — राष्ट्रपिता के स्मारक — पर श्रद्धांजलि अर्पित की। सुबह 11 बजे देशभर में दो मिनट का मौन रखा गया। महात्मा गांधी की 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली के बिड़ला हाउस (अब गांधी स्मृति) में नाथूराम गोडसे द्वारा हत्या की गई थी। 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर (वर्तमान गुजरात) में जन्मे गांधी का अहिंसा और सत्याग्रह का दर्शन विश्व भर में प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। राजस्थान का गांधी की विरासत से गहरा नाता है — सेवाग्राम आश्रम मॉडल ने राजस्थान के ग्रामीण विकास को प्रभावित किया। यह दिन भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे अन्य राष्ट्रीय शहीदों को भी श्रद्धांजलि देने का अवसर है।
मुख्य तथ्य
- 30 जनवरी को महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर शहीद दिवस 2026 मनाया गया।
- प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने नई दिल्ली के राजघाट पर श्रद्धांजलि दी।
- सुबह 11 बजे देशभर में शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया।
- 30 जनवरी 1948 को बिड़ला हाउस में नाथूराम गोडसे ने गांधी की हत्या की थी।
- गांधी की अहिंसा और सत्याग्रह की विचारधारा वैश्विक शांति आंदोलनों को प्रेरित करती है।
- यह दिन 23 मार्च 1931 को शहीद हुए भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को भी श्रद्धांजलि देने का अवसर है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर मनाए गए शहीद दिवस के महत्व की चर्चा कीजिए तथा भारत के स्वतंत्रता संग्राम को दिशा देने में गांधी के अहिंसा एवं सत्याग्रह दर्शन का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
30 जनवरी 2026 को भारत ने महात्मा गांधी की 78वीं पुण्यतिथि पर शहीद दिवस मनाया। 1948 में बिड़ला हाउस में नाथूराम गोडसे ने उनकी हत्या की थी। राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन एवं प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट पर श्रद्धांजलि दी। गांधी का अहिंसा एवं सत्याग्रह दर्शन वैश्विक शांति-न्याय आंदोलनों को प्रेरित करता है।
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30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या कहाँ हुई थी?
महात्मा गांधी की हत्या नाथूराम गोडसे ने 30 जनवरी 1948 को बिड़ला हाउस (अब गांधी स्मृति), नई दिल्ली में प्रार्थना सभा के दौरान की।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शहीद दिवस (मार्टियर्स डे) क्या है और इसे 30 जनवरी को क्यों मनाया जाता है?
शहीद दिवस हर साल 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मनाया जाता है। इसी दिन 1948 में नई दिल्ली के बिड़ला हाउस में नाथूराम गोडसे ने गांधीजी की हत्या की थी। इस दिन गांधी और उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपना जीवन बलिदान किया।
राजघाट पर शहीद दिवस के आधिकारिक समारोह में क्या होता है?
आधिकारिक समारोह में नई दिल्ली के राजघाट — महात्मा गांधी के स्मारक — पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री द्वारा पुष्पांजलि अर्पित की जाती है। सुबह 11 बजे पूरे देश में गांधी और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की याद में दो मिनट का मौन रखा जाता है।
महात्मा गांधी का जन्म कहाँ हुआ था और उनके दर्शन के मुख्य स्तंभ क्या थे?
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को पोरबंदर (वर्तमान गुजरात) में हुआ था। उनके दर्शन के दो केंद्रीय स्तंभ थे — अहिंसा और सत्याग्रह (सत्य-बल या अहिंसक प्रतिरोध)। इन सिद्धांतों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का मार्गदर्शन किया और आज भी वैश्विक शांति आंदोलनों को प्रेरित करते हैं।
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के संदर्भ में 30 जनवरी का क्या महत्व है?
30 जनवरी मुख्य रूप से गांधी की हत्या की स्मृति में शहीद दिवस के रूप में मनाई जाती है, लेकिन इस दिन देश के लिए बलिदान देने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों को भी श्रद्धांजलि दी जाती है — जिनमें भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु शामिल हैं, जिन्हें 23 मार्च 1931 को ब्रिटिश सरकार ने फाँसी दी थी।
राजघाट क्या है और इसका ऐतिहासिक महत्व क्या है?
राजघाट नई दिल्ली में यमुना नदी के किनारे बना एक स्मारक है, जहाँ 31 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी का अंतिम संस्कार किया गया था। यह काले संगमरमर से बना चबूतरा है, जो बगीचे से घिरा हुआ है, और राष्ट्रपिता का राष्ट्रीय स्मारक है। राजकीय अतिथि और विदेशी राष्ट्राध्यक्ष यहाँ नियमित रूप से श्रद्धांजलि देते हैं।
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