सितम्बर 2025 में भारत की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 1.54% (वर्ष-दर-वर्ष) पर आ गई — यह 99 माह (जून 2017 के बाद) का न्यूनतम स्तर है। यह वित्तवर्ष 2025-26 में दूसरा अवसर है जब मुद्रास्फीति RBI के 2-6% के लक्ष्य दायरे से नीचे आई। खाद्य मूल्यों में अपस्फीति इसका प्रमुख कारण रही: सब्जियों के दाम 21% तथा दालें 15% सस्ती हुईं। उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (CFPI) में 2% से अधिक की गिरावट आई। अच्छी फसल, बेहतर मानसून वितरण, सरकारी बफर स्टॉक जारी करने एवं प्याज निर्यात पर अंकुश से खाद्य मूल्य नियंत्रित हुए। तथापि खाद्य, पेय, ईंधन एवं प्रकाश को छोड़कर कोर मुद्रास्फीति अगस्त के 4.2% से बढ़कर सितम्बर में 4.6% हो गई।