भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (SSLV) की तकनीक हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को हस्तांतरित की है। IN-SPACe (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र) के ज़रिए हुआ यह 100वां प्रौद्योगिकी हस्तांतरण है। HAL 24 महीनों के भीतर स्वतंत्र रूप से SSLV का उत्पादन करेगा। SSLV तीन-चरणीय प्रक्षेपण यान है, जिसे निम्न पृथ्वी कक्षा (LEO) में छोटे उपग्रहों की त्वरित और कम लागत वाली तैनाती के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह प्रौद्योगिकी हस्तांतरण अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भर भारत पहल के तहत एक प्रमुख उपलब्धि है।