केंद्रीय कैबिनेट ने 21 जनवरी 2026 को अटल पेंशन योजना यानी एपीवाई को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी। साथ ही MSME सेक्टर में ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक यानी सिडबी को ₹5,000 करोड़ की इक्विटी सहायता मंजूर की गई। यह फैसला सामाजिक सुरक्षा और छोटे उद्यमों के वित्त, दोनों को जोड़ता है। एपीवाई का लक्ष्य असंगठित क्षेत्र और कम आय वर्ग के कामगारों को 60 वर्ष की आयु के बाद तय मासिक पेंशन देना है। योजना 9 मई 2015 को शुरू हुई थी और इसमें योगदान के आधार पर ₹1,000 से ₹5,000 प्रति माह की गारंटी वाली न्यूनतम पेंशन मिलती है। 19 जनवरी 2026 तक इसमें 8.66 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े थे। सरकार ने योजना के प्रचार, जागरूकता, क्षमता निर्माण और व्यवहार्यता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता को भी आगे बढ़ाया है। दूसरी तरफ, सिडबी को दी जाने वाली ₹5,000 करोड़ की पूंजी तीन किस्तों में डाली जानी है: 2025-26 में ₹3,000 करोड़ और 2026-27 तथा 2027-28 में ₹1,000 करोड़ प्रत्येक। इससे सिडबी की पूंजी स्थिति मजबूत होगी और वह MSME को प्रतिस्पर्धी लागत पर अधिक ऋण उपलब्ध कराने के लिए संसाधन जुटा सकेगा। सरकारी आकलन के अनुसार, सिडबी से वित्तीय सहायता पाने वाले MSME लाभार्थी वित्त वर्ष 2025 के 76.26 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2028 के अंत तक 102 लाख हो सकते हैं, यानी लगभग 25.74 लाख नए लाभार्थी जुड़ेंगे। समसामयिकी की तैयारी में यह विषय सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, MSME वित्त, रोजगार और विकास-नीति से जुड़े होने के कारण महत्वपूर्ण है। UPSC/RAS में इससे प्रारंभिक परीक्षा में योजनाओं और संस्थाओं पर तथ्यात्मक प्रश्न तथा मुख्य परीक्षा में समावेशी विकास और असंगठित कामगारों की सुरक्षा पर प्रश्न बन सकते हैं।
कैबिनेट ने अटल पेंशन योजना 2030-31 तक जारी रखी; SIDBI को 5,000 करोड़ इक्विटी
APY 2030-31 तक विस्तारित; MSME ऋण विस्तार के लिए SIDBI को 5,000 करोड़ की इक्विटी।
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय कैबिनेट ने 21 जनवरी 2026 को एपीवाई को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी।
- एपीवाई असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 प्रति माह की गारंटी वाली न्यूनतम पेंशन देती है।
- 19 जनवरी 2026 तक एपीवाई में 8.66 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़ चुके थे।
- MSME सेक्टर में ऋण प्रवाह बढ़ाने के लिए सिडबी को ₹5,000 करोड़ की इक्विटी सहायता मंजूर हुई।
- सिडबी सहायता से वित्त वर्ष 2028 तक लगभग 25.74 लाख नए MSME लाभार्थी जुड़ने का अनुमान है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कैबिनेट ने एपीवाई पर क्या फैसला लिया?
कैबिनेट ने अटल पेंशन योजना को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने और प्रचार, जागरूकता, क्षमता निर्माण तथा अतिरिक्त वित्तीय सहायता के लिए सरकारी समर्थन बढ़ाने की मंजूरी दी।
एपीवाई किसके लिए महत्वपूर्ण है और इसमें कितनी पेंशन मिलती है?
एपीवाई असंगठित क्षेत्र और कम आय वर्ग के कामगारों के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें योगदान के आधार पर 60 वर्ष की आयु के बाद ₹1,000 से ₹5,000 प्रति माह की गारंटी वाली न्यूनतम पेंशन मिलती है।
सिडबी को ₹5,000 करोड़ की इक्विटी सहायता क्यों दी जा रही है?
इस सहायता का उद्देश्य सिडबी की पूंजी स्थिति मजबूत करना है, ताकि वह प्रतिस्पर्धी दरों पर संसाधन जुटाकर MSME सेक्टर को अधिक ऋण उपलब्ध करा सके।
इस खबर की परीक्षा में क्या प्रासंगिकता है?
प्रारंभिक परीक्षा में एपीवाई, सिडबी, MSME और पेंशन राशि जैसे तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में यह सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, असंगठित कामगारों, MSME वित्त और रोजगार से जुड़ता है।
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