जनगणना 2027 के पहले चरण -- मकान सूचीकरण व आवास गणना (HLO) -- को सरकारी बयान के अनुसार अब तक 23 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में पूरा कर लिया गया है। यह बयान 16 जून 2026 को जारी हुआ। केरल और नागालैंड में 15 दिन की स्व-गणना प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद 1 जुलाई से 30 जुलाई तक क्षेत्रीय कार्य चलेगा। इस चरण के लिए क्षेत्रीय कार्य मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में आरंभ हुआ तथा गुजरात, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी और उत्तर प्रदेश में पहले से जारी है। ग्यारह हजार सात सौ अठारह करोड़ रुपये की लागत वाली यह जनगणना स्वतंत्रता के बाद आठवीं है और दो चरणों में हो रही है -- पहला चरण मकान सूचीकरण व आवास गणना तथा दूसरा चरण जनसंख्या गणना है। मकान सूचीकरण चरण 1 अप्रैल को आरंभ हुआ और 30 सितंबर तक चलेगा, जिसमें सभी ढांचों, मकानों व घरों को क्रमबद्ध रूप से सूचीबद्ध किया जाएगा ताकि जनसंख्या गणना का आधार तैयार हो। पहली बार यह कार्य डिजिटल है, जिसमें गणनाकार एक विशेष मोबाइल ऐप का उपयोग करेंगे। गणनाकार प्रत्येक मकान पर जाकर नागरिकों से बुनियादी सुविधाओं, घर के मुखिया और स्वामित्व स्थिति से जुड़े 33 प्रश्न पूछेंगे। नागरिकों को एक वेबसाइट पर स्व-गणना मंच भी दिया गया है, जहाँ वे अधिसूचित प्रश्नों के उत्तर देकर एक ID बना सकते हैं। दूसरा चरण -- जनसंख्या गणना -- अगले वर्ष फरवरी में होगा और इसमें जाति संबंधी प्रश्न भी सम्मिलित होंगे। जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 है, सिवाय लद्दाख तथा हिमपात-ग्रस्त गैर-समकालिक क्षेत्रों के, जहाँ यह 1 अक्टूबर 2026 है।