भारतीय सेना की दक्षिणी कमान ने 28-29 अक्टूबर 2025 को दक्षिणी कमान के तहत डेजर्ट सेक्टर के अग्रिम क्षेत्रों में 'वायु समन्वय-II' नामक बड़े पैमाने का ड्रोन और काउंटर-ड्रोन अभ्यास किया। दो दिवसीय इस अभ्यास में इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे माहौल में हवाई और जमीनी संसाधनों को बहु-डोमेन कमान एवं नियंत्रण केंद्रों से जोड़कर अगली पीढ़ी के युद्ध के लिए सेना की तैयारी की पुष्टि की गई। अभ्यास में भारतीय सेना की विभिन्न शाखाओं के बीच संयुक्त परस्पर संचालन क्षमता का प्रदर्शन किया गया। राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर रणनीतिक स्थिति को देखते हुए यह अभ्यास राज्य के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।