13 अक्टूबर, 2025 को PM गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (NMP) की चौथी वर्षगांठ पर सरकार ने एक महत्वपूर्ण विस्तार की घोषणा की: GIS-आधारित बुनियादी ढांचा नियोजन उपकरण — PM गति शक्ति पोर्टल — अब निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए भी उपलब्ध होगा। यह भारत के लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचा नियोजन तंत्र में बड़ा बदलाव है।

PM गति शक्ति NMP को 57 से अधिक केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों के बीच विभागीय अलगाव खत्म करने और समन्वित बहु-मोडल बुनियादी ढांचे का विकास सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया था। इसमें सड़क, रेलवे, जलमार्ग, हवाई अड्डे, लॉजिस्टिक्स पार्क, उपयोगिता गलियारे और भूमि उपयोग से जुड़ी डेटा परतें एक साथ जोड़ी जाती हैं।

DPIIT के जरिए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का लक्ष्य है कि उद्योग सरकारी बुनियादी ढांचे के डेटा तक सीधी पहुंच के साथ अपनी आपूर्ति श्रृंखला, कारखाने के स्थान और वितरण नेटवर्क की योजना बना सकें। इससे लॉजिस्टिक्स लागत घटने, निवेश निर्णय बेहतर होने और परियोजना अनुमोदन तेज होने की उम्मीद है।

इसी वर्षगांठ कार्यक्रम में LEAPS 2025 (विभिन्न राज्यों में लॉजिस्टिक्स सुगमता) भी लॉन्च की गई। यह राज्य-स्तरीय लॉजिस्टिक्स बेंचमार्किंग ढांचा पांच स्तंभों पर राज्यों का मूल्यांकन करता है: बुनियादी ढांचा, सेवाएं, परिचालन वातावरण, मानव संसाधन और नवाचार।

राजस्थान के लिए, इसकी भौगोलिक केंद्रीयता को देखते हुए लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन महत्वपूर्ण है: इसकी सीमा पांच राज्यों से लगती है और यह DMIC तथा DFC से कनेक्टिविटी प्रदान करता है। गति शक्ति दृष्टिकोण भारत में सरकार के सभी अंगों को साथ लेकर बुनियादी ढांचा नियोजन करने की दिशा में बदलाव को दिखाता है।