प्रकाशित: 9 अक्टूबर 2025अंतरराष्ट्रीय
PM मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर बैठक की अध्यक्षता की; होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के प्रभाव को रेखांकित किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च 2026 को भारत पर पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव का आकलन करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित रुकावट पर चर्चा हुई, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% गुजरता है।
भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 85% आयात करता है, जिसका महत्वपूर्ण हिस्सा होर्मुज से गुजरता है। प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति की वकालत की तथा ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और निकासी की तैयारी की भी समीक्षा की गई।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अक्टूबर 2025 में पश्चिम एशिया संघर्ष पर पीएम मोदी ने बैठक क्यों बुलाई?
**पीएम मोदी ने 10 अक्टूबर 2025 को भारत पर चल रहे पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव का आकलन करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।** बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य के संभावित व्यवधान पर ध्यान केंद्रित हुआ, जिसके माध्यम से वैश्विक तेल आपूर्ति का ~20% गुजरता है, जबकि भारत अपने कच्चे तेल का ~85% आयात करता है।
वैश्विक तेल आपूर्ति का कितना प्रतिशत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है?
**वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है,** जो इसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक जलमार्गों में से एक बनाता है। इस जलडमरूमध्य में कोई भी व्यवधान भारत को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगा, जो अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 85% आयात करता है।
पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच ऊर्जा सुरक्षा के लिए पीएम मोदी ने क्या उपाय निर्देशित किए?
**पश्चिम एशिया संघर्ष के खतरे के बीच पीएम मोदी ने अधिकारियों को ऊर्जा आपूर्ति विविधीकरण के लिए आकस्मिक योजनाएँ तैयार करने** का निर्देश दिया। भारत अपने ~85% कच्चे तेल का आयात करता है जिसका महत्वपूर्ण हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्या है और भारत के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
**होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच एक संकीर्ण जलमार्ग है** जिसके माध्यम से वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20% गुजरता है। यह भारत के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के लगभग 85% कच्चे तेल का आयात होता है, जिसका अधिकांश हिस्सा मध्य पूर्व से इस जलडमरूमध्य से गुजरता है।
पश्चिम एशिया पर पीएम मोदी की अक्टूबर 2025 बैठक में और कौन से मुद्दों की समीक्षा हुई?
होर्मुज जलडमरूमध्य की चिंता के अलावा, **पीएम मोदी की 10 अक्टूबर बैठक में पश्चिम एशिया क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का आकलन और निकासी तैयारियों की समीक्षा** भी हुई। खाड़ी देशों में भारत के लाखों प्रवासी श्रमिक हैं, जिससे किसी भी क्षेत्रीय संघर्ष में उनकी सुरक्षा प्राथमिकता बन जाती है।