प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च 2026 को भारत पर पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव का आकलन करने के लिए उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित रुकावट पर चर्चा हुई, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20% गुजरता है।

भारत अपने कच्चे तेल का लगभग 85% आयात करता है, जिसका महत्वपूर्ण हिस्सा होर्मुज से गुजरता है। प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति की वकालत की तथा ऊर्जा आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने के लिए आकस्मिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और निकासी की तैयारी की भी समीक्षा की गई।