विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 12 मार्च 2026 को ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बातचीत की, जब भारत पश्चिम एशिया संकट के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा था। बिजनेस स्टैंडर्ड ने बताया कि संकट शुरू होने के बाद यह दोनों विदेश मंत्रियों की चौथी बातचीत थी। सरकारी ब्रीफिंग में यह बात नहीं कही गई थी कि भारत के 60% कच्चे तेल आयात होर्मुज से गुजरते हैं; उसमें कहा गया कि लगभग 70% कच्चे तेल आयात उस समय जलडमरूमध्य से बाहर के मार्गों से आ रहे थे, जबकि आयातित रसोई गैस की निर्भरता अधिक थी। इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि सऊदी कच्चा तेल ले जा रहा लाइबेरिया के ध्वज वाला शेनलॉन्ग सुएजमैक्स और अन्य कच्चे तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने के बाद भारत पहुंचे।
होर्मुज संकट के बीच विदेश मंत्री जयशंकर ने ईरान के अराघची से चौथी बातचीत की
जयशंकर ने 12 मार्च 2026 को ईरान के अराघची से बातचीत की, जो पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद उनकी चौथी बातचीत थी; भारत ने शेनलॉन्ग जैसे तेल टैंकरों के होर्मुज से सुरक्षित गुजरने पर भी नजर रखी।
मुख्य तथ्य
- विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 12 मार्च 2026 को ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से बातचीत की; बिजनेस स्टैंडर्ड ने इसे पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद उनकी चौथी बातचीत बताया।
- यह बातचीत होर्मुज जलडमरूमध्य से भारत के ध्वज वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के भारत के प्रयासों के बीच हुई।
- सरकारी ब्रीफिंग के अनुसार उस समय भारत के लगभग 70% कच्चे तेल आयात होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर के मार्गों से आ रहे थे; अधिक निर्भरता रसोई गैस में थी, क्योंकि आयातित रसोई गैस का लगभग 90% इसी जलडमरूमध्य से आता था।
- होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के बाद पश्चिम एशिया का लगभग 30 लाख बैरल तेल लेकर कच्चे तेल के दो टैंकर भारत पहुंचे, जिनमें 12 मार्च 2026 को मुंबई बंदरगाह पर दिखा लाइबेरियाई ध्वज वाला सुएजमैक्स शेनलॉन्ग भी शामिल था।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्रोत: 8pm News
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
12 मार्च 2026 को जयशंकर और अराघची ने किन मुद्दों पर चर्चा की?
पश्चिम एशिया संकट के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के भारत के प्रयासों के बीच उन्होंने द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत की।
क्या 12 मार्च को दोनों विदेश मंत्रियों के बीच बातचीत का यह अकेला दौर था?
नहीं। बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार 12 मार्च की बातचीत संकट शुरू होने के बाद उनकी चौथी बातचीत थी; इससे पहले 28 फरवरी, 5 मार्च और 10 मार्च को बातचीत हुई थी।
उस समय भारत के कच्चे तेल आयात की होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कितनी थी?
सरकार ने कहा कि भारत के कच्चे तेल के लगभग 70% आयात उस समय होर्मुज जलडमरूमध्य से बाहर के मार्गों से आ रहे थे। ज्यादा निर्भरता रसोई गैस के मामले में थी, क्योंकि आयातित रसोई गैस का लगभग 90% इसी जलडमरूमध्य से आता था।
शेनलॉन्ग सुएजमैक्स टैंकर के साथ क्या हुआ?
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सऊदी कच्चा तेल ले जा रहा लाइबेरिया के ध्वज वाला शेनलॉन्ग सुएजमैक्स 12 मार्च 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने के बाद मुंबई बंदरगाह पर देखा गया।
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