अक्टूबर 2025 तक भारत ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत छह राज्यों में 10 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंज़ूरी दी थी। इनमें कुल निवेश 1.6 लाख करोड़ रुपये से अधिक था, जो लगभग 18–19 अरब अमेरिकी डॉलर के बराबर है। इन परियोजनाओं में फ़ैब, उन्नत पैकेजिंग की इकाइयाँ—आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण (OSAT) तथा असेंबली, परीक्षण, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP)—और कंपाउंड सेमीकंडक्टर शामिल हैं। केन्स सेमिकॉन ने गुजरात के सानंद में अपनी OSAT इकाई से अमेरिकी और भारतीय ग्राहकों के लिए चिप मॉड्यूल की पहली व्यावसायिक खेप भेजी है। यह भारत में स्वदेशी चिप विनिर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

राजस्थान भी अपनी आगामी 12 नई औद्योगिक और क्षेत्रीय नीतियों के तहत एक अलग सेमीकंडक्टर नीति लाने की योजना बना रहा है। इसका उद्देश्य राज्य को भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग का एक प्रमुख केंद्र बनाना है। 2021 में शुरू किया गया भारत सेमीकंडक्टर मिशन सेमीकंडक्टर फ़ैब लगाने पर 50% तक प्रोत्साहन देता है। ये पहल डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप हैं तथा रक्षा, दूरसंचार, इलेक्ट्रिक वाहन और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में विदेशी चिप पर निर्भरता घटाने में मदद करेंगी।