दक्षिण अफ्रीका ने 2025 के लिए G20 की अध्यक्षता 'एकजुटता, समानता, स्थिरता' विषय के साथ संभाली। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह विकासोन्मुखी चिंताओं, समानता और दीर्घकालिक स्थिरता को वैश्विक आर्थिक शासन के केंद्र में रखता है। इस अध्यक्षता की प्राथमिकताएं चार बड़े क्षेत्रों पर केंद्रित हैं: आपदा से निपटने की क्षमता, ऋण राहत, जलवायु वित्त और न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन। आधिकारिक प्राथमिकताओं में कम आय वाले देशों की ऋण स्थिरता और अफ्रीका तथा वैश्विक दक्षिण की विकास जरूरतों पर भी ज़ोर दिखता है। प्रीलिम्स में 2025 की अध्यक्षता, विषय और चार प्राथमिकताएं सीधे तथ्य के रूप में पूछी जा सकती हैं। आपदा से निपटने की क्षमता जलवायु-जनित संकटों और पुनर्बहाली तथा पुनर्निर्माण क्षमता से जुड़ती है। ऋण राहत का मुद्दा कम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं की राजकोषीय क्षमता, विकास खर्च और वैश्विक वित्तीय संस्थानों की भूमिका से संबंधित है। जलवायु वित्त और न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन, विकासशील देशों की ऊर्जा जरूरतों और उत्सर्जन घटाने की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन का प्रश्न उठाते हैं। भारत के लिए इसका महत्व इसलिए भी है कि यह 2023 की भारत की G20 विरासत को आगे बढ़ाता है। RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में इससे प्रीलिम्स में विषय, वर्ष और प्राथमिकताओं पर तथ्यात्मक प्रश्न बन सकते हैं, जबकि मुख्य परीक्षा में वैश्विक दक्षिण, जलवायु वित्त, ऋण संकट और बहुपक्षीय सहयोग पर विश्लेषणात्मक उत्तर लिखे जा सकते हैं। स्टैटिक जीके से जोड़कर पढ़ते समय G20 अध्यक्षता, आर्थिक सहयोग, विकास वित्त और ऊर्जा परिवर्तन जैसे विषयों को साथ रखना उपयोगी रहेगा। समसामयिकी नोट्स में इसे भारत की 2023 अध्यक्षता के बाद बनी निरंतरता के रूप में पढ़ना चाहिए, क्योंकि इससे बहुपक्षीय मंचों पर विकास, वित्त और पर्यावरण के बीच संबंध साफ़ समझ में आता है।
दक्षिण अफ्रीका ने 'एकजुटता, समानता, स्थिरता' विषय पर G20 अध्यक्षता संभाली
दक्षिण अफ्रीका ने 2025 में G20 की अध्यक्षता संभाली; प्राथमिकता आपदा-रोधी क्षमता, ऋण राहत और जलवायु वित्त पर है।
मुख्य तथ्य
- दक्षिण अफ्रीका ने 2025 में G20 की अध्यक्षता 'एकजुटता, समानता, स्थिरता' विषय के साथ संभाली।
- मुख्य प्राथमिकताएं आपदा से निपटने की क्षमता, ऋण राहत, जलवायु वित्त और न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन हैं।
- यह 2023 की भारत की G20 विरासत को आगे बढ़ाने वाला विकास-केंद्रित विषय है।
- प्रीलिम्स में 2025 की अध्यक्षता, विषय और चार प्राथमिकताएं सीधे तथ्य के रूप में पूछी जा सकती हैं।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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G20 की वर्तमान सदस्यता का सही वर्णन कौन-सा है?
G20 की वर्तमान सदस्यता में 19 देश और दो क्षेत्रीय संगठन शामिल हैं: यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ। इसलिए केवल 19 देश और EU वाला पुराना वर्णन अधूरा है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
2025 में G20 की अध्यक्षता किस देश ने संभाली और उसका विषय क्या था?
2025 में दक्षिण अफ्रीका ने G20 की अध्यक्षता संभाली। इसका विषय 'एकजुटता, समानता, स्थिरता' था।
दक्षिण अफ्रीका की G20 अध्यक्षता की मुख्य प्राथमिकताएं क्या हैं?
मुख्य प्राथमिकताएं आपदा से निपटने की क्षमता, ऋण राहत, जलवायु वित्त और न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन हैं।
भारत के संदर्भ में यह विषय क्यों महत्वपूर्ण है?
यह 2023 की भारत की G20 विरासत को आगे बढ़ाता है, इसलिए भारत की बहुपक्षीय भूमिका और वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को समझने में उपयोगी है।
RAS और UPSC की तैयारी में यह किस तरह उपयोगी है?
प्रीलिम्स में विषय, वर्ष और प्राथमिकताओं पर प्रश्न आ सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसे जलवायु वित्त, ऋण राहत, वैश्विक दक्षिण और बहुपक्षीय सहयोग के उदाहरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
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