1 अक्टूबर 2025 को भारत एवं EFTA देशों (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड एवं लिकटेंस्टीन) के बीच व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता (TEPA) लागू हुआ — यह विकसित यूरोपीय देशों के साथ भारत द्वारा हस्ताक्षरित पहला FTA है। प्रमुख बिंदु: (1) EFTA देशों ने 15 वर्षों में USD 100 अरब निवेश की प्रतिबद्धता जताई; (2) भारत ने 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों के सृजन में सुविधा देने का वचन दिया; (3) EFTA बाजारों में भारतीय दवाओं, IT सेवाओं एवं कृषि उत्पादों पर उल्लेखनीय शुल्क कटौती; (4) निवेश से जुड़ा व्यापार तंत्र — वैश्विक FTA ढाँचे में दुर्लभ — निवेश प्रतिबद्धताओं को कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाता है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भविष्य के FTA के लिए नया मानदंड बताया।
1 अक्टूबर 2025 से भारत-EFTA TEPA लागू — USD 100 अरब निवेश प्रतिबद्धता एवं 10 लाख नौकरियों का वादा
1 अक्टूबर 2025 को भारत एवं EFTA देशों (स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड एवं लिकटेंस्टीन) के बीच व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता (TEPA) लागू हुआ — यह विकसित यूरोपीय देशों के साथ भारत का पहला हस्ताक्षरित FTA है। प्रमुख बिंदु: (1) EFTA देशों ने 15 वर्षों में USD 100 अरब निवेश की प्रतिबद्धता जताई; (2) भारत ने 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों के सृजन में मदद का वचन दिया; (3) EFTA बाजारों में भारतीय दवाओं, IT सेवाओं एवं कृषि उत्पादों पर उल्लेखनीय शुल्क कटौती; (4) निवेश-संबद्ध व्यापार तंत्र — वैश्विक FTA ढाँचे में दुर्लभ — निवेश प्रतिबद्धताओं को कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाता है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भविष्य के FTA के लिए नया मानदंड बताया।
मुख्य तथ्य
- भारत-EFTA TEPA 1 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ — विकसित यूरोपीय देशों के साथ भारत का पहला FTA।
- भारत और EFTA देशों के बीच 16 वर्षों की वार्ता के बाद मार्च 2024 में इस पर हस्ताक्षर हुए।
- EFTA ने 15 वर्षों में USD 100 अरब निवेश की कानूनी रूप से बाध्यकारी प्रतिबद्धता जताई।
- भारत ने समझौते के तहत 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा करने में मदद करने का वचन दिया।
- EFTA बाजारों में भारतीय दवाओं, IT सेवाओं और कृषि उत्पादों पर उल्लेखनीय शुल्क कटौती लागू है।
- वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने TEPA को भविष्य के भारतीय FTA का नया मानदंड बताया।
6-अक्ष वर्गीकरण
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यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के वे चार देश कौन से हैं जिनके साथ भारत का टीईपीए 1 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ?
लेख में ईएफटीए देशों की पहचान स्पष्ट रूप से स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टाइन के रूप में की गई है। इन्हीं देशों के साथ भारत का व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता 1 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ।
स्रोत: EFTA.int / PIB / DD News / EY India / India-Briefing
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-EFTA TEPA क्या है और यह कब लागू हुआ?
व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौता (TEPA) भारत और चार EFTA देशों — स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन — के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता है। 16 वर्षों की वार्ता के बाद मार्च 2024 में हस्ताक्षरित यह समझौता 1 अक्टूबर 2025 को लागू हुआ। यह विकसित यूरोपीय देशों के साथ भारत का पहला FTA है, जिसमें EFTA ने 15 वर्षों में USD 100 अरब निवेश की बाध्यकारी प्रतिबद्धता जताई है।
भारत-EFTA TEPA के तहत प्रमुख आर्थिक प्रतिबद्धताएं क्या हैं?
TEPA के तहत EFTA देशों ने 15 वर्षों में भारत में USD 100 अरब निवेश लाने में मदद करने की कानूनी रूप से बाध्यकारी प्रतिबद्धता जताई — वैश्विक FTA में यह एक अनूठा प्रावधान है। बदले में भारत ने इन निवेशों से जुड़ी 10 लाख प्रत्यक्ष नौकरियाँ पैदा करने में मदद करने का वचन दिया। EFTA बाजारों में भारतीय दवाओं, IT सेवाओं और कृषि उत्पादों पर उल्लेखनीय शुल्क कटौती भी इस समझौते का हिस्सा है।
EFTA ब्लॉक में कौन से चार देश शामिल हैं जिन्होंने भारत के साथ TEPA पर हस्ताक्षर किए?
यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) में चार देश हैं — स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन। ये विकसित यूरोपीय देश हैं जो यूरोपीय संघ के सदस्य नहीं हैं। स्विट्जरलैंड के वित्तीय क्षेत्र और नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड को देखते हुए TEPA के तहत निवेश प्रतिबद्धता भारत के लिए विशेष महत्व रखती है।
TEPA को भारत की व्यापार कूटनीति में ऐतिहासिक समझौता क्यों माना जाता है?
TEPA कई कारणों से ऐतिहासिक है — यह विकसित यूरोपीय देशों के साथ भारत का पहला FTA है; रिकॉर्ड 16 साल की वार्ता के बाद संपन्न हुआ; इसमें निवेश से जुड़ा व्यापार तंत्र शामिल है, जो वैश्विक FTA ढाँचे में पहली बार दिखता है; और USD 100 अरब की कानूनी रूप से बाध्यकारी निवेश प्रतिबद्धता एक नई मिसाल कायम करती है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भविष्य के भारतीय FTA का नया मानदंड कहा।
TEPA से भारतीय फार्मा और IT क्षेत्र को विशेष रूप से क्या लाभ मिलेगा?
TEPA के तहत EFTA बाजारों में भारतीय दवाओं, IT सेवाओं और कृषि उत्पादों पर उल्लेखनीय शुल्क कटौती लागू होगी। फार्मा क्षेत्र के लिए स्विट्जरलैंड और नॉर्वे तक आसान पहुँच से निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे। IT सेवाओं पर बाधाएँ घटने से भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनियों को EFTA देशों में मजबूत उपस्थिति बनाने में मदद मिलेगी।
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