संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र (नवंबर–दिसंबर 2025) में 11 दिसंबर को विपक्ष की सक्रियता तेज हो गई। TMC सांसद कीर्ति आजाद, सागरिका घोष और शताब्दी रॉय ने लंबित MGNREGA बकाया को लेकर मौन प्रदर्शन किया, जबकि कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कोलकाता में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरुद्ध विरोध मार्च का नेतृत्व किया। शीतकालीन सत्र में ग्रामीण रोजगार पर बहस प्रमुख रही। सरकार ने बाद में VB-G RAM G बिल प्रस्तावित किया, जिसे MGNREGA का संभावित विकल्प माना गया — इसमें गारंटीकृत रोजगार को 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने की बात थी। MGNREGA, 2005 में UPA सरकार के तहत अधिनियमित, प्रति ग्रामीण परिवार प्रति वर्ष 100 दिन का अकुशल शारीरिक श्रम सुनिश्चित करता है। राज्यों को लंबित मजदूरी भुगतान प्रमुख शिकायत थी। राजस्थान में MGNREGA एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है: राज्य में लगभग 1.5 करोड़ सक्रिय जॉब कार्ड धारक हैं, और सूखा-प्रवण तथा रेगिस्तानी जिलों (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, जालोर) में यह महत्वपूर्ण रोजगार देता है। राजस्थान MGNREGA के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी था और इसकी सामाजिक लेखा परीक्षा प्रणाली राष्ट्रीय आदर्श बनी।
संसद शीतकालीन सत्र 2025: MGNREGA बकाया पर विपक्ष का विरोध; TMC और कांग्रेस का प्रदर्शन
संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र (नवंबर–दिसंबर 2025) में 11 दिसंबर को विपक्ष ने अपनी गतिविधियाँ तेज कर दीं। TMC सांसद कीर्ति आजाद, सागरिका घोष और शताब्दी रॉय ने लंबित MGNREGA बकाया को लेकर मौन विरोध किया, जबकि कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कोलकाता में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के विरुद्ध विरोध मार्च का नेतृत्व किया। शीतकालीन सत्र में ग्रामीण रोजगार पर बहस प्रमुख रही। सरकार ने बाद में VB-G RAM G बिल प्रस्तावित किया, जिसे MGNREGA का संभावित विकल्प बताया गया और जिसमें गारंटीशुदा रोजगार 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रावधान था। MGNREGA, 2005 में UPA सरकार के तहत लागू किया गया, प्रति ग्रामीण परिवार प्रति वर्ष 100 दिन का अकुशल मैनुअल कार्य सुनिश्चित करता है। राज्यों को लंबित मजदूरी भुगतान प्रमुख शिकायत थी। राजस्थान में MGNREGA एक महत्वपूर्ण सुरक्षा जाल है: राज्य में लगभग 1.5 करोड़ सक्रिय जॉब कार्ड धारक हैं और सूखा-प्रवण तथा रेगिस्तानी जिलों (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, जालोर) में यह महत्वपूर्ण रोजगार उपलब्ध कराता है। राजस्थान MGNREGA के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी रहा और इसकी सामाजिक लेखा परीक्षा प्रणाली राष्ट्रीय आदर्श बनी।
मुख्य तथ्य
- TMC और कांग्रेस ने दिसंबर 2025 में राज्यों के लंबित मनरेगा बकाये को लेकर संसद में विरोध किया।
- संसद ने वीबी-जी रैम जी विधेयक पारित किया; राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद मनरेगा की जगह 125 दिन की गारंटी दी गई।
- मनरेगा (2005) पहले 100 दिन की गारंटी देता था; उसके स्थान पर बने अधिनियम में अब 125 दिन के मजदूरी-रोजगार की वैधानिक गारंटी दी गई है।
- मनरेगा का 2024-25 का बजट 86,000 करोड़ रुपये था और मजदूरी DBT से दी जाती है।
- राजस्थान में सूखे की आशंका वाले जिलों में लगभग 1.5 करोड़ सक्रिय मनरेगा जॉब कार्ड धारक हैं।
- राजस्थान मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी था और इसकी सामाजिक लेखा परीक्षा राष्ट्रीय आदर्श बनी।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: शीतकालीन सत्र 2025 में लंबित मनरेगा बकाया तथा प्रस्तावित वीबी-जी रैम जी विधेयक के प्रतिस्थापन पर विपक्षी विरोध के संवैधानिक एवं राजकोषीय महत्व की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
संसद के शीतकालीन सत्र 2025 में तृणमूल सांसद कीर्ति आज़ाद, सागरिका घोष, शताब्दी रॉय ने 2024-25 के 86,000 करोड़ रुपये आवंटन पर लंबित मनरेगा बकाया का विरोध किया। प्रस्तावित वीबी-जी रैम जी विधेयक गारंटीकृत रोजगार को 100 से 125 दिन करता है। राजस्थान के 1.5 करोड़ जॉब कार्डधारकों के लिए समयबद्ध मजदूरी अनिवार्य है।
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संसद शीतकालीन सत्र 2025 में MGNREGA बकाया पर विपक्ष के विरोध तथा TMC और कांग्रेस के प्रदर्शन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
संसद के चल रहे शीतकालीन सत्र (नवंबर-दिसंबर 2025) में 11 दिसंबर को विपक्षी गतिविधियाँ तेज रहीं। तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद, सागरिका घोष और शताब्दी रॉय ने लंबित मनरेगा बकाया को लेकर मौन विरोध किया,
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मनरेगा क्या है और यह ग्रामीण परिवारों को क्या गारंटी देता है?
मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम), 2005 में बना, प्रत्येक ग्रामीण परिवार को हर साल 100 दिन के अकुशल श्रम की गारंटी देता है और मजदूरी DBT से दी जाती है।
शीतकालीन सत्र 2025 में TMC और कांग्रेस ने संसद में विरोध क्यों किया?
TMC सांसदों और कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा के तहत राज्यों के लंबित बकाये के विरोध में केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, क्योंकि कई राज्यों को मजदूरी की प्रतिपूर्ति नहीं मिली थी और इससे ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम प्रभावित हुए।
शीतकालीन सत्र 2025 में प्रस्तावित VB-G RAM G बिल क्या है?
VB-G RAM G बिल को सरकार ने मनरेगा के संभावित विकल्प के रूप में प्रस्तावित किया, जिसमें प्रति ग्रामीण परिवार गारंटीशुदा रोजगार को 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रावधान है।
मनरेगा का 2024-25 का बजट क्या था और राजस्थान की भागीदारी कितनी बड़ी है?
मनरेगा का 2024-25 का बजट 86,000 करोड़ रुपये था। राजस्थान के सूखा-प्रवण जिलों में लगभग 1.5 करोड़ सक्रिय जॉब कार्ड धारक हैं, इसलिए राजस्थान सबसे बड़े लाभार्थी राज्यों में से एक है।
मनरेगा क्रियान्वयन के इतिहास में राजस्थान का क्या महत्व है?
राजस्थान मनरेगा लागू करने वाले शुरुआती राज्यों में था और इसने आदर्श सामाजिक लेखा परीक्षा तंत्र विकसित किया — जहाँ लाभार्थी परियोजनाओं की जाँच करते हैं — जो पारदर्शिता का राष्ट्रीय आदर्श बना।
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