प्रकाशित: 9 दिसंबर 2025Down to Earthपर्यावरण
CITES के 50 वर्ष — CoP20 समरकंद, उज्बेकिस्तान में होगा
CITES (वन्य जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन) 2025 में अपनी 50वीं वर्षगांठ मना रहा है और यह इतिहास के सबसे पुराने बहुपक्षीय पर्यावरण समझौतों में से एक है। 1973 में वाशिंगटन डी.सी. में स्थापित और 1 जुलाई 1975 को लागू हुए इस कन्वेंशन में अब 183 सदस्य देश हैं तथा यह 38,000 से अधिक प्रजातियों के व्यापार को नियंत्रित करता है।
20वां पक्षकार सम्मेलन (CoP20) समरकंद, उज्बेकिस्तान में आयोजित होने वाला है। यह पहली बार है जब कोई CITES CoP मध्य एशिया में हो रहा है, जो वन्यजीव व्यापार मार्गों की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। भारत 1976 में CITES का हस्ताक्षरकर्ता बना, यानी कन्वेंशन लागू होने के ठीक एक साल बाद। यह जैव विविधता संरक्षण के प्रति देश की शुरुआती प्रतिबद्धता को दिखाता है।
CITES के तहत भारत का वन्यजीव दायरा व्यापक है। बंगाल बाघ, एशियाई हाथी और हिम तेंदुआ सभी परिशिष्ट I में सूचीबद्ध हैं, जिसमें वाणिज्यिक व्यापार प्रतिबंधित होता है। CITES संरक्षण उपायों की मदद से भारत की बाघ आबादी 2006 में 1,411 से बढ़कर 2022 में 3,682 हो गई।
CoP20 में विवाद की संभावना है। मुख्य बहस उन देशों के बीच है जो मानते हैं कि नियंत्रित व्यापार संरक्षण के लिए धन जुटा सकता है, और उन देशों के बीच है जो पूर्ण प्रतिबंध की वकालत करते हैं। दक्षिण अफ्रीकी देश स्थानीय आर्थिक जरूरतों का हवाला देकर हाथीदांत और गैंडे के सींग का व्यापार फिर खोलना चाहते हैं, जबकि भारत और अधिकांश एशियाई देश अवैध शिकार बढ़ने के जोखिम का हवाला देते हुए इसका विरोध करते हैं।
राजस्थान RPSC अभ्यर्थियों के लिए, CITES प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व (रणथम्भौर, सरिस्का, मुकुंदरा हिल्स), एशियाई शेर संरक्षण और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के लिए सीधे प्रासंगिक है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत के जैव विविधता संरक्षण, विशेषतः राजस्थान के प्रोजेक्ट टाइगर आरक्षित क्षेत्रों के संदर्भ में सीआईटीईएस की 50वीं वर्षगांठ एवं समरकंद में सीओपी20 के महत्व की विवेचना कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
सीआईटीईएस, 1973 में स्थापित व 1 जुलाई 1975 से प्रभावी, ने 2025 में अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाई; 183 सदस्य 38,000 से अधिक प्रजातियों के व्यापार को नियंत्रित करते हैं। सीओपी20 समरकंद, उज़्बेकिस्तान में होगा। भारत 1976 से हस्ताक्षरकर्ता है; बंगाल बाघ — 2006 के 1,411 से 2022 में 3,682 — अनुलग्नक-1 में संरक्षित है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
CITES की स्थापना कब हुई और यह कब लागू हुआ?
CITES की स्थापना 1973 में वाशिंगटन डी.सी. में हुई और यह 1 जुलाई 1975 को लागू हुआ। अब इसके 183 सदस्य देश हैं जो 38,000 से अधिक प्रजातियों के व्यापार को नियंत्रित करते हैं।
भारत CITES में कब शामिल हुआ?
भारत 1976 में CITES का हस्ताक्षरकर्ता बना, कन्वेंशन लागू होने के एक साल बाद, जो वन्यजीव व्यापार नियमन के प्रति शुरुआती प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
CITES परिशिष्ट I में कौन सी भारतीय प्रजातियाँ सूचीबद्ध हैं?
परिशिष्ट I में प्रमुख भारतीय प्रजातियों में बंगाल बाघ, एशियाई हाथी, हिम तेंदुआ, बड़ा एक सींग वाला गैंडा और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड शामिल हैं।
CoP20 कहाँ हो रहा है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
CoP20 समरकंद, उज्बेकिस्तान में निर्धारित है — यह मध्य एशिया में पहला CITES CoP है, जो वन्यजीव व्यापार गलियारों का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
CoP20 की केंद्रीय बहस क्या है?
मुख्य तनाव उन देशों के बीच है जो टिकाऊ उपयोग का समर्थन करते हैं और उन लोगों के बीच जो सख्त प्रतिबंध चाहते हैं, खासकर हाथीदांत, गैंडे के सींग और लकड़ी के व्यापार पर।