16 अक्टूबर 2025 को विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर भारत और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने अपनी 80 वर्षों की अटूट साझेदारी का जश्न मनाया, क्योंकि भारत 1945 में FAO का संस्थापक सदस्य बना था। यह कार्यक्रम 'हाथ में हाथ — बेहतर भोजन और बेहतर भविष्य के लिए' विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों के प्रतिनिधि और देश भर के किसान शामिल हुए।

आठ दशकों में भारत का कृषि परिवर्तन उल्लेखनीय रहा है — 1950-51 में मात्र लगभग 5.08 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन वाले खाद्य-न्यून राष्ट्र से 2024-25 में रिकॉर्ड 35.7732 करोड़ टन उत्पादन वाले खाद्य-अधिशेष राष्ट्र तक। इस साझेदारी ने हरित क्रांति, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जैसे ऐतिहासिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में मदद की। FAO ने इस अवसर पर 'सोइंग होप, हार्वेस्टिंग सक्सेस' नामक कॉफी टेबल बुक जारी की।